सरगुजा में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तेज गति और गुणवत्ता के साथ कार्यों को पूरा करने के दिए निर्देश
छत्तीसगढ: छत्तीसगढ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की स्थिति का आकलन करना था। बैठक अंबिकापुर के विश्रामगृह में आयोजित की गई, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सचिव, जल जीवन मिशन के संचालक और सरगुजा के कलेक्टर भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने का मिशन
अरुण साव ने अपने संबोधन में जल जीवन मिशन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल एक योजना या अभियान नहीं, बल्कि यह एक मिशन है, जिसका उद्देश्य हर घर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस सपने को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से मिशन मोड में काम करने की आवश्यकता पर बल दिया और इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, यह स्पष्ट संदेश दिया।
धीमी प्रगति पर नाराजगी और ठोस कदम
उप मुख्यमंत्री साव ने सरगुजा संभाग में जल जीवन मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि इस महत्वपूर्ण मिशन में ढिलाई और खानापूर्ति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या का समाधान करना और हर घर तक प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करने और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
ठेकेदारों पर पूरी निर्भरता न रखें, अभियंताओं को फील्ड में उतरने का निर्देश
साव ने ठेकेदारों पर पूरी तरह निर्भर न रहने का निर्देश देते हुए विभागीय अभियंताओं को नियमित रूप से फील्ड में जाकर काम की निगरानी करने को कहा। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के भरोसे काम छोड़ना उचित नहीं है। ठोस निगरानी और समयबद्धता के साथ कार्यों को पूर्ण करने के लिए अभियंताओं की फील्ड में उपस्थिति अनिवार्य है। इसके साथ ही, उन्होंने क्रेडा (Chhattisgarh State Renewable Energy Development Agency) के अधिकारियों को अपनी टीम के साथ पूरी तैयारी और गंभीरता के साथ काम करने का निर्देश दिया।
एफएचटीसी कवरेज और जन सहभागिता पर जोर
बैठक में जिलेवार एफएचटीसी (Functional Household Tap Connection) कवरेज की स्थिति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खुद जाकर पूर्ण हो चुके कार्यों की जांच करने और लोगों से फीडबैक लेने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहां जल जीवन मिशन के कार्य पूरे हो चुके हैं, वहां योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जल उत्सव का आयोजन किया जाए, जिसमें जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर योजना के प्रति लोगों में सकारात्मकता उत्पन्न की जा सके।
विभागीय प्रगति और अगले कदम
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने विभागीय कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जिलेवार कार्यों की स्थिति पर चर्चा की और जरूरतों एवं समस्याओं का अवलोकन किया। धीमी प्रगति वाले जिलों को नवम्बर तक अपने लक्ष्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता, जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक और रायपुर एवं बिलासपुर जोन के मुख्य अभियंता भी मौजूद थे।
जल जीवन मिशन: ग्रामीण क्षेत्रों की पानी की समस्या का समाधान
यह बैठक न केवल जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा का अवसर थी, बल्कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास भी था कि हर घर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो। इस समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार इस मिशन को गंभीरता से ले रही है और इसके कार्यान्वयन में किसी भी तरह की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।