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महाराष्ट्र चुनावी सरगर्मी में पकड़ी गई 138 करोड़ की सोने की खेप, दस्तावेजों की हो रही पड़ताल

पुणे:  महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पुणे पुलिस और चुनाव आयोग की संयुक्त कार्रवाई में 138 करोड़ रुपये का सोना एक टेंपो से बरामद हुआ है, जिससे पूरे राज्य में सनसनी मच गई। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन और अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस मामले में इनकम टैक्स विभाग भी तुरंत सक्रिय हो गया और सोने से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रहा है।

पुणे के कलेक्टर और चुनाव अधिकारी सुहास दिवसे ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई केवल जांच के लिए की गई है, और अभी तक सोना पूरी तरह से जब्त नहीं किया गया है। सोना ट्रांसपोर्ट करने वाली वैन एक जानी-मानी कंपनी से जुड़ी है, जो नियमित रूप से इस तरह के कीमती सामान का परिवहन करती है। उनके पास इस लेन-देन के कानूनी दस्तावेज हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए आयकर विभाग इन कागजातों की पुष्टि कर रहा है। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर सभी दस्तावेज वैध पाए जाते हैं, तो सोना कंपनी को सौंप दिया जाएगा। यदि कोई कमी पाई जाती है, तो इसे कानून के अनुसार जब्त कर लिया जाएगा, जिसमें नियमों के तहत 10 लाख रुपये से अधिक की कीमत की कोई भी संपत्ति या 1 किलो से अधिक सोना आयकर विभाग को सौंपा जाना है।

इस घटना के साथ ही चुनाव आयोग ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, विशेषकर नकदी, ड्रग्स, कीमती धातु और शराब के अवैध परिवहन पर सख्त नजर रखने के लिए कहा गया है। चुनाव से पहले मुंबई में भी 52 करोड़ रुपये की नकदी, ड्रग्स, शराब, और अन्य कीमती धातुएं जब्त की गई हैं, और राज्य में कुल जब्ती का आंकड़ा 280 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

पुणे के पीएन गाडगिल ज्वैलर्स के चेयरमैन सौरभ गाडगिल ने बयान दिया कि यह सोना पूरी तरह कानूनी है और उसके सारे बिल उपलब्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सामान कानूनी दायरे में लाया जा रहा था और इसकी सभी रसीदें ईमेल पर मौजूद हैं। चुनाव के दौरान संदिग्ध सामग्री और नकदी के परिवहन पर प्रशासन की इस मुस्तैदी से कानून-व्यवस्था मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।