दिव्य दरबार और प्रेत दरबार अनुमति का मुद्दा गरमाया, जाने क्या बोले पीठाधीश्वर
रायपुर। राजधानी रायपुर में दिव्य दरबार और प्रेत दरबार के आयोजन को लेकर अनुमति का मुद्दा गरमाया हुआ है। मां मातंगी दिव्यधाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाईं महाराज ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि धार्मिक आयोजनों को लेकर उनसे भेदभाव क्यों किया जा रहा है? जब बागेश्वर धाम के कार्यक्रमों में दिव्य दरबार और प्रेत दरबार लगते हैं, तब स्थानीय प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं होती और कार्यक्रमों पर रोक नहीं लगाई जाती। मेरे कार्यक्रम को अनुमति नहीं देना स्थानीय संतों का और मेरा अपमान है। इस तरह के धार्मिक आयोजन की अनुमति देने में आपत्ति क्यों है?
महाराज ने चेतावनी दी कि यदि दिव्य दरबार के आयोजन की अनुमति नहीं मिली, तो वे उसी स्थान पर अन्न त्याग कर अनशन पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में लगभग 35 से 40 हजार श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। ऐसे में अनुमति को लेकर प्रशासन के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं। महाराज जी ने कहा कि उनका आंदोलन सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं होगा, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली के विरोध में होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अच्छे हैं और सरकार भी अच्छी है। मुख्यमंत्री से उनकी भेंट भी हुई है और मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें आश्वासन भी मिला है।
