कई जिलों में मतदान के दौरान तोड़फोड़, मारामारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में बुधवार को भारी हंगामा हुआ है। नोआपारा, फलता और बाली जैसे क्षेत्रों से ईवीएम में गड़बड़ी, धांधली और हिंसक झड़पों की खबरें हैं। सुरक्षा बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान कई जगहों पर तनाव और हंगामा हुआ है। इसमें नादिया, पनिहाटी, उत्तर 24 परगना, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना समेत कई इलाकों में बीजेपी-टीएमसी और आईएसएफ वर्कर्स के बीच मारपीट-हिंसक झड़प, ईवीएम खराबी की घटनाएं सामने आई है। इससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर तक 142 सीटों पर 61% से अधिक मतदान हो चुका है।
उत्तर 24 परगना के बारानगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 72 में ईवीएम मशीन खराब होने के कारण मतदान रोकना पड़ा था। मतदाताओं ने आरोप लगाया कि एक ही बूथ पर पांच बार ईवीएम बदली जा चुकी है, फिर भी मतदान शुरू नहीं हो सका।
मौके पर मौजूद एक मतदाता ने बताया कि हम सुबह 7 बजे से लाइन में खड़े हैं। बार-बार कहा जा रहा है ईवीएम खराब है।
बीजेपी प्रत्याशी और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने नोआपाड़ा क्षेत्र के मायापल्ली में बूथ नंबर 82-83 के बाहर नकली (डमी) EVM रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ता मतदाताओं को खास बटन दबाने का लिए मजबूर कर रहे थे और हमारे यहां आने पर कुछ लोगों ने हमारे खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि टीएमसी वाले डमी ईवीएम लगा रहे थे और मतदाताओं को निर्देश दे रहे थे। हम इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे। दक्षिण 24 परगना के फलता में बीजेपी प्रत्याशी देवांशु पांडा ने भी टीएमसी कार्यकर्ताओं ईवीएम से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, ‘ कई जगहों पर बीजेपी के चिह्न वाला बटन जाम था, ताकि मतदाता उन्हें वोट न दे सकें।