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भारतीय मूल के पूर्व मंत्री एस ईश्वरन दोषी साबित, सजा का ऐलान अगले महीने; जानिए उन पर लगाए गए सभी आरोप

सिंगापुर :  सिंगापुर में भारतीय मूल के पूर्व मंत्री एस. ईश्वरन के खिलाफ दायर मुकदमे का परिणाम अब सामने आ गया है। उन्हें एक लोक सेवक के रूप में मूल्यवान वस्तुएं प्राप्त करने और न्याय में बाधा डालने के कमतर आरोपों के तहत दोषी ठहराया गया है। इसके बाद, उनकी सजा का ऐलान 3 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। एस. ईश्वरन के इस केस ने सिंगापुर की राजनीति में खलबली मचा दी है, क्योंकि यह पिछले कई दशकों में किसी मंत्री पर लगा पहला भ्रष्टाचार का मामला है।

क्या हैं ईश्वरन पर लगे आरोप?

ईश्वरन पर आरोप है कि उन्होंने सिंगापुर एफ1 ग्रैंड प्रिक्स और अन्य आयोजनों के लिए विशेष लाभ प्राप्त किए, जिसमें थिएटर शो, फुटबॉल मैच के टिकट, महंगी व्हिस्की और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों जैसी कीमती सुविधाएं शामिल थीं। इसके साथ ही, उन्होंने एक प्रॉपर्टी टाइकून ओंग बेंग सेंग और एक निर्माण कंपनी के मालिक लुम कोक सेंग से भी उपहार प्राप्त किए थे।

यह भी कहा गया कि ईश्वरन ने यह सब इसलिए किया ताकि वह सिंगापुर जीपी और सिंगापुर पर्यटन बोर्ड के बीच समझौते को सुनिश्चित कर सकें, जिससे सिंगापुर एफ1 ग्रैंड प्रिक्स 2022 से 2028 तक सिंगापुर में आयोजित हो सके। अभियोजन पक्ष ने इस केस में उनके लिए 6 से 7 महीने की जेल की सजा की मांग की है, जबकि बचाव पक्ष ने 8 सप्ताह से अधिक की सजा का अनुरोध किया है, यदि न्यायाधीश को लगता है कि जेल की सजा उपयुक्त है।

आरोपों को स्वीकार कर चुके हैं ईश्वरन

ईश्वरन ने दंड संहिता की धारा 165 के तहत चार आरोपों को स्वीकार कर लिया है, जो लोक सेवकों को किसी भी मूल्यवान वस्तु को प्राप्त करने से रोकता है। इसके अलावा, उन्होंने न्याय में बाधा डालने के एक आरोप को भी स्वीकार किया है। अभियोजन पक्ष ने बताया कि ईश्वरन ने सिंगापुर सरकार को SGD 380,305.95 (लगभग USD 294,845) का भुगतान किया है। उनकी संपत्तियों में से व्हिस्की और वाइन की बोतलें, गोल्फ क्लब, और एक ब्रॉम्पटन साइकिल भी जब्त की गई हैं।

क्यों चर्चा में है यह मामला?

यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि सिंगापुर में ऐसा भ्रष्टाचार का मुकदमा किसी मंत्री पर लगना बहुत दुर्लभ है। इससे पहले सिंगापुर की सरकार के मंत्रियों पर कभी भी इस तरह के आपराधिक आरोप नहीं लगे थे। ईश्वरन ने भी जनवरी में अपने सरकारी पदों और सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी से इस्तीफा दे दिया था जब उन्हें इन आरोपों की सूचना मिली। यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि यह सिंगापुर की राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था की सख्ती को दर्शाता है, जहां उच्च पदों पर बैठे लोग भी कानून से ऊपर नहीं हैं।

अब क्या हो सकता है?

ईश्वरन की सजा का ऐलान 3 अक्टूबर को किया जाएगा। सिंगापुर के कानून के अनुसार, न्याय में बाधा डालने के लिए उन्हें अधिकतम सात साल की जेल की सजा हो सकती है। अभियोजन पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने ईश्वरन के खिलाफ कुल 30 आरोप दर्ज किए थे, लेकिन अंततः उन्होंने कमतर आरोपों के आधार पर अपना केस प्रस्तुत किया है। इस मामले का सिंगापुर की राजनीति और समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह देखना बाकी है, लेकिन यह निश्चित है कि इसने भ्रष्टाचार के खिलाफ सिंगापुर की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को एक बार फिर साबित किया है।