देवकीनंदन ठाकुर ने उठाया संस्कारों का मुद्दा, स्कूलों में चरित्र शिक्षा की मांग

रायपुर में श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन से पहले कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए धार्मिक शिक्षा, संस्कार और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पैसा कमाने की शिक्षा देने के बजाय गीता और महाभारत जैसे ग्रंथों से नैतिक शिक्षा और संस्कार भी दिए जाने चाहिए। उन्होंने युवाओं में बढ़ते लिव-इन रिलेशनशिप और अपराध की घटनाओं पर चिंता जताते हुए इसे समाज के लिए ठीक नहीं बताया। देवकी नंदन ठाकुर ने देश में सनातन बोर्ड के गठन की वकालत करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने स्कूलों में चरित्र निर्माण से जुड़ा विषय शामिल करने की बात कही और कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति से जुड़े आदर्शों की जानकारी दी जानी चाहिए। धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि सनातन परंपरा में धर्म परिवर्तन कराने की प्रवृत्ति नहीं रही है। उन्होंने संसद में धर्माचरण करने वाले लोगों की भागीदारी बढ़ाने की भी बात कही। रायपुर के बुढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में 8 से 14 जुलाई तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।