महिला सशक्तिकरण, पंचायत की बैठकों में अब प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व पर रोक

पंचायती राज व्यवस्था में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिक प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में स्वतंत्र और प्रभावी भूमिका देना है। इसके तहत अब ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं अन्य बैठकों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी रिश्तेदार या अन्य व्यक्ति को उनके स्थान पर भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर फेस रिकॉग्निशन और बायोमेट्रिक अटेंडेंस जैसी तकनीकों से उपस्थिति की पुष्टि भी की जाएगी।