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“डीजे पर सरकार का कड़ा फैसला : रद्द होंगे डीजे वाली गाड़ियों के परमिट ,आदेश की सूची जारी”

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने डीजे और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नई गाइडलाइन जारी की है, जिससे डीजे बजाने वाली गाड़ियों का परमिट निरस्त किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है। इससे पहले, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 27 अप्रैल 2017 को ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त आदेश दिए थे और गाइडलाइन जारी की थी, लेकिन उसका कड़ाई से पालन नहीं किया गया। जनहित याचिका के माध्यम से मामले की लगातार सुनवाई हो रही है, और कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ ढीली कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी।

ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने नए नियमों के तहत स्पष्ट किया है कि अगर कोई वाहन डीजे बजाते हुए दोबारा पकड़ा जाता है, तो उसका परमिट तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही, उस वाहन के मालिक के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। यह नियम सिर्फ वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डीजे संचालकों पर भी कड़ाई से लागू होगा। अगर डीजे संचालक निर्धारित नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भी अवमानना की कार्रवाई होगी।

राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। गाइडलाइन के अनुसार, डीजे बजाने के लिए ध्वनि सीमा का ध्यान रखना अनिवार्य होगा, और किसी भी तरह की शिकायत या उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

इस नई गाइडलाइन का उद्देश्य न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण को कम करना है, बल्कि इसके जरिए लोगों के स्वास्थ्य और शांतिपूर्ण जीवन को सुरक्षित रखना भी है। ध्वनि प्रदूषण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया है, और इसी के चलते राज्य सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।

गाइड लाइन  देखें :