सुशासन तिहार से जनता को मिल रहा त्वरित समाधान
छत्तीसगढ़ की साय सरकार का “सुशासन तिहार” अब केवल नीतियों तक सीमित न रहकर आम जनजीवन को सीधे प्रभावित करने वाला एक संवेदनशील, जवाबदेह और परिणाममुखी मॉडल बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे शासन और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है। इस कार्यक्रम के तहत कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर ग्राम पंचायत नाका के किसान गंगा प्रसाद खुसरो की किसान किताब में त्रुटि के कारण वे सरकारी योजनाओं से वंचित थे, जिसे आवेदन के बाद राजस्व विभाग ने तत्काल सुधार दिया। इसी तरह मरवाही विकासखंड के ग्राम सेमरदर्री के भवन सिंह को लंबे समय बाद किसान किताब प्राप्त हुई, जबकि ग्राम सकोला की नीतू मार्को को दीमक से नष्ट हुई किसान किताब के स्थान पर नई प्रति उपलब्ध कराई गई। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि प्रशासनिक व्यवस्था अब पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और संवेदनशील होती जा रही है, जिससे लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव देखने को मिल रहा है।
