फसल बचाने इंद्रदेव को रिझाने महिलाओं ने किया नृत्य

बुंदेलखंड की लोक आस्था और सदियों पुरानी परंपरा का अनोखा नजारा मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानगंज क्षेत्र के ग्राम मढ़िया गुसाई में देखने को मिला। अल्प वर्षा के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थीं, जिससे चिंतित ग्रामीणों ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए पारंपरिक सैरा (डांडिया) नृत्य का आयोजन किया। गांव की महिलाओं ने खेड़ापति माई और हनुमान मंदिर के सामने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ इस लोक परंपरा को निभाया। करीब दो घंटे तक महिलाएं पारंपरिक गीतों की धुन पर सैरा नृत्य करती रहीं। ग्रामीणों की मान्यता है कि जब बारिश नहीं होती और सूखे जैसी स्थिति बनती है, तब महिलाएं यह लोक अनुष्ठान करती हैं और वर्षा के लिए प्रार्थना करती हैं। इस बार भी सामूहिक प्रार्थना और नृत्य के दौरान अचानक आसमान में बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण किसान परेशान थे, लेकिन इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की लोक संस्कृति, आस्था और परंपरा को जीवंत कर दिया।