CHHATTISGARH

सरकारी और रेलवे जमीन से हटाने से पहले देना होगा कारणों सहित नोटिस

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि सरकारी या रेलवे की जमीन से किसी भी व्यक्ति को अवैध कब्जे के आधार पर बेदखल करने से पहले उसे कानून के तहत स्पष्ट कारणों वाला नोटिस देना अनिवार्य है। अदालत ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें जिला कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। मामला बिलासपुर के बुधवारी बाजार निवासी से जुड़ा है, जिसे रेलवे ने लोक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत बेदखली का आदेश जारी किया था। जिला कोर्ट ने आदेश रद्द करते हुए रेलवे को धारा 4 के तहत कारणों सहित नया नोटिस जारी कर दोबारा सुनवाई करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने भी माना कि शुरुआती नोटिस में बेदखली के आधार स्पष्ट नहीं थे, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट कारण बताते हुए अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देना आवश्यक है।