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बस्तर में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस की न्याय यात्रा, दीपक बैज ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

बस्तर| जिला कांग्रेस कमेटी ने पीसीसी चीफ दीपक बैज के नेतृत्व में खुटपदर से जगदलपुर तक 13 किलोमीटर की न्याय यात्रा निकाली। इस पदयात्रा के माध्यम से बस्तर क्षेत्र के विकास और स्थानीय समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए **पांच सूत्रीय मांगों** को उठाया गया। इन मांगों में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना, एनएमडीसी नगरनार प्लांट के विनिवेशीकरण पर रोक, स्थानीय युवाओं को रोजगार, प्रभावित गांवों के लिए सीएसआर फंड की बहाली, और एनएमडीसी मुख्यालय को जगदलपुर लाना शामिल हैं।

दीपक बैज ने लगाए गंभीर आरोप
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बस्तर के कोपागुड़ा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन बीजेपी सरकार ने इस योजना को रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि **बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि बस्तर क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।**
उन्होंने बताया कि नगरनार स्टील प्लांट के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जमीन दी, लेकिन बदले में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं की उपेक्षा की गई।

विनिवेशीकरण का विरोध
बैज ने नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेशीकरण को क्षेत्रीय और आर्थिक विकास के लिए घातक बताया।** उन्होंने इसे “जनता की संपत्ति पूंजीपतियों को सौंपने की साजिश” करार देते हुए कहा कि इससे रोजगार के अवसर खत्म होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

रोजगार और सीएसआर फंड की मांग
दीपक बैज ने एनएमडीसी के मुख्यालय को जगदलपुर लाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। साथ ही, एनएमडीसी प्रभावित गांवों के लोगों को **सीएसआर फंड** प्रदान किया जाना चाहिए ताकि क्षेत्र का विकास हो सके।

राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया
पदयात्रा के समापन पर दीपक बैज और बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने बस्तर कमिश्नर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें सभी प्रमुख मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपील की गई।

पदयात्रा में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल
इस पदयात्रा में राष्ट्रीय छत्तीसगढ़ सह प्रभारी सचिव संपत कुमार, राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम, विधायक लखेश्वर बघेल, सावित्री मंडावी, जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक मोहन मरकाम सहित अन्य वरिष्ठ नेता, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

यह न्याय यात्रा बस्तर क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने का एक सशक्त प्रयास है। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर विकास योजनाओं को रोकने और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए इन मांगों को लागू करना आवश्यक है।