कौशलनार के ग्रामीण नाले का पानी पीने को मजबूर
बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक अंतर्गत स्थित कौशलनार गांव भले ही नक्सल प्रभाव से बाहर आ चुका हो, लेकिन आज भी यहां के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिन जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव की सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर सामने आ रही है, जहां लोग साफ पानी के लिए रोजाना संघर्ष कर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को नाले के किनारे रेत हटाकर निकलने वाले पानी को पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
गांव में लगभग 50 से अधिक परिवार रहते हैं, गर्मी बढऩे के साथ ही सभी हैंडपंप और दूसरे जल स्रोत लगभग सूख चुके हैं। ऐसे में ग्रामीण सुबह-सुबह बर्तन लेकर नाले के पास पहुंचते हैं और रेत हटाकर धीरे-धीरे इक_ा होने वाले पानी को भरकर अपने घर ले जाते हैं। ये प्रक्रिया स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है। गांव में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा जिस जल स्त्रोत से ग्रामीण पानी पीते हैं,उसी से मवेशी भी पानी पीते हैं। यानी एक ही जगह का पानी मवेशी और इंसान दोनों ही पी रहे हैं. इस कारण से गंभीर संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
स्थानिय ग्रामीण कवसी नंदा ने बताय कि गंदा पानी पीने के कारण बच्चों और बुजुर्गों में पेट संबंधी बीमारियां आम हो गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार स्थायी समाधान की मांग की गई है। यदि समय रहते शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
