विदिशा मेडिकल कॉलेज में 200 फर्जी कर्मचारियों को लाखों का भुगतान

विदिशा स्थित शासकीय अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स कर्मचारियों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन और आउटसोर्सिंग कंपनी की मिलीभगत से ऐसे कर्मचारियों के नाम पर हर महीने लाखों रुपये का वेतन निकाला जा रहा है, जो वास्तव में काम पर मौजूद ही नहीं हैं। सरकारी रिकॉर्ड में जहां 600 आउटसोर्स कर्मचारी दर्ज हैं, वहीं जमीनी स्तर पर केवल लगभग 400 कर्मचारी ही कार्यरत पाए गए हैं, जिससे करीब 200 फर्जी कर्मचारियों के नाम पर भुगतान होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में डीन और आउटसोर्स कंपनी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वेतन जारी करने की प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अनुमान के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी के औसत वेतन के आधार पर हर महीने लगभग 20 से 24 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन की आशंका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी इसे संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।