नकली होलोग्राम और शराब के साथ एक तस्कर गिरफ्तार, दो फरार

रायगढ़। पुलिस ने खरसिया के ग्राम धनागर से एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध एवं नकली शराब, नकली होलोग्राम, पैकिंग सामग्री और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। इस मामले में करोड़ों के राजस्व नुकसान और अंतरराज्यीय शराब तस्करी के संकेत मिले हैं। कार्रवाई में 869 नग विभिन्न पैमानों (पौव्वा, अद्धी एवं बोतल) की 240 लीटर नकली शराब के साथ शराब ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, केटली, खाली बोतलें जब्त की गई है। नकली शराब के बिक्री से 2 लाख 16 हजार 245 रुपये का मुनाफा होना बताया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी झारखंड और ओडिशा से अवैध शराब लाकर उसे विभिन्न कंपनियों की ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की बोतलों में पैक करता था। इसके बाद बोतलों पर नकली होलोग्राम और सील लगाकर उन्हें असली उत्पाद के रूप में बाजार में खपाया जाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शराब की सप्लाई कर रहा था।
एसएसपी शशिमोहन सिंह के निर्देश पर छापेमार कार्रवाई की गई। छापेमारी में लाखों रुपये की अवैध शराब के साथ नकली होलोग्राम, पैकिंग सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं। इससे शासन को आबकारी को राजस्व का भी भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
पकड़े गए तस्कर ने अपना नाम दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू बताया, जो धनागर का रहने वाला है तथा फरार व्यक्ति की पहचान अपने बड़े भाई सुभाष पटेल के रूप में की। तलाशी के दौरान आरोपी के घर और गाय रखने के कोठे से शराब का जखीरा मिला। जिसने जांच टीम को भी चौंका दिया। मौके से रॉयल स्टेज, आईबी, रिजर्व क्वार्टर, गोवा, ब्लैक डॉग, गोल्डन गोवा और किंगफिशर बियर जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों की पैकेजिंग में बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि यह पूरी शराब नकली और मिलावटी है, जिसे अवैध रूप से तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा था।
आरोपी ने बताया कि वह अपने भाई सुभाष पटेल तथा सहयोगी विनय सिंह के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से शराब खरीदते थे। इसके बाद उसमें स्प्रिट एवं अन्य पदार्थों के साथ रेड लेबल चायपत्ती का उपयोग कर शराब की मात्रा बढ़ाई जाती थी। पुराने उपयोग किए गए शराब की बोतलों को एकत्र कर उन्हें साफ किया जाता था और उन पर डुप्लीकेट लेबल तथा नकली होलोग्राम लगाकर पुनः पैकिंग की जाती थी। इस नकली शराब को कोचियों के माध्यम से असली शराब के साथ बाजार में बेचा जाता था। आरोपी दुष्यंत पटेल ने बताया कि कोरोना काल से वह इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था।