एससी एसटी एक्ट मामले में पत्रकार को हाईकोर्ट से जमानत
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट से जुड़े एक मामले में पत्रकार मोहन निषाद को बड़ी राहत देते हुए जमानत प्रदान कर दी है। जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए यह फैसला सुनाया। मामला बालोद जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र का है, जहां मोहन निषाद पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता मनीराम तारम, जो छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में सहायक अभियंता हैं, ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने खुद को पत्रकार बताकर 11 वर्षीय बच्चे की करंट से मौत की खबर प्रकाशित करने की धमकी देते हुए 2 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर जातिसूचक गालियां दीं व सोशल मीडिया पर बदनाम करने की कोशिश की। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि मोहन निषाद एक न्यूज पोर्टल से जुड़े पत्रकार हैं और उन्होंने केवल समाचार प्रकाशित किया था, जिसके चलते उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने यह भी माना कि घटना के चार महीने बाद एफआईआर दर्ज हुई और आरोपी 18 मार्च 2026 से जेल में है, इसलिए ट्रायल लंबा चल सकता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने जमानत को उचित मानते हुए उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की।
