नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, फर्जी पत्रों में मंत्री के नकली हस्ताक्षर

मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रमिला तिवारी की गिरफ्तारी के बाद कई पीड़ित सामने आए, जिसके बाद इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। आरोप है कि गिरोह ने एम्स, वन विभाग, रेलवे, नगर निगम और बैंकों में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से 2 से 5 लाख रुपये तक वसूले और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए। जालसाजों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए कुछ लोगों को आईएफएस अधिकारी, बैंक क्लर्क और रेलवे कर्मचारी तक नियुक्त दिखा दिया। हैरानी की बात यह है कि पीडब्ल्यूडी में भर्ती के लिए जारी किए गए एक कथित नियुक्ति पत्र में मंत्री के नकली हस्ताक्षर भी पाए गए हैं। पीड़ितों के अनुसार, प्रमिला तिवारी और उसके सहयोगी सरकारी दफ्तरों के बाहर मुलाकात कर भरोसा जीतते थे और दावा करते थे कि उनकी खुद की नौकरी भी इसी तरह लगी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बेरोजगार युवाओं की शैक्षणिक जानकारी और मोबाइल नंबर आरोपियों तक कैसे पहुंचे। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।