अघनपुर जात्रा में पहली बार किसी अतिथि को सिरहा के साथ कांटों के झूले पर बैठेने का मिला अवसर

जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय के निगम क्षेत्र अंर्तगत लोकमान्य तिलक वार्ड स्थित अघनपुर के प्रसिद्ध जलनी माता मंदिर और झाड़ेश्वर मंदिर में आयोजित वार्षिक माता मेला मंडई और जात्रा में सुकमा जमींदार परिवार के कुमार जयदेव शामिल हुए, जहां उन्होंने माता जलनी और भगवान झाड़ेश्वर की विधिवत पूजा-अर्चना कर बस्तर और प्रदेश की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान पहली बार किसी अतिथि कुमार जयदेव को मुख्य सिरहा के साथ माता के आशीर्वाद स्वरूप नुकीली कीलों और कांटों वाले झूले पर बैठने का अवसर मिला। जैसे ही वे मुख्य सिरहा के साथ झूले पर सवार हुए। लोगों ने इसे माता की विशेष कृपा का प्रतीक बताया।
पहली बार किसी अतिथि को मिला कांटों के झूले पर बैठने का अवसर जलनी माता मंदिर के पुजारी पीतांबर बघेल ने बताया कि प्रतिवर्ष यहां माता मेला और जात्रा आयोजित की जाती है, लेकिन इस बार का आयोजन विशेष रहा। पहली बार किसी अतिथि को मुख्य सिरहा के साथ नुकीली कीलों और कांटों वाले पारंपरिक झूले पर बैठने का अवसर मिला। पुजारियों और सिरहा समाज ने इसे माता का विशेष आशीर्वाद बताया। कुमार जयदेव ने कहा कि जब वे झूले पर बैठे तो उन्हें किसी प्रकार का भय महसूस नहीं हुआ, बल्कि ऐसा लगा जैसे माता स्वयं शक्ति और साहस प्रदान कर रही हों। जयदेव ने आयोजन समिति और ग्रामीणों की तारीफ करते हुए कहा कि बस्तर की परंपराएं केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और संस्कृति की पहचान हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोडऩे का काम करते हैं।
कार्यक्रम में बस्तर धाकड़ क्षत्रीय समाज के संभागीय अध्यक्ष योगेश ठाकुर, दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी कृष्ण कुमार पाढ़ी, मावली मंदिर के पुजारी अनिल ठाकुर, प्रकाश रावल, मनोज जंगम, सिकंदर सिंह, मुरली सिंह, पीतांबर सिंह, बिक्रम सिंह, मुकुंद सिंह पंडा, अरुणा चौहान, मंजु ठाकुर, गीता ठाकुर, किरण ठाकुर, तुलसी ठाकुर, कौशल्या साहू, गायत्री कश्यप, गंगाराम, मानिकराम पंत, अभय दीक्षित, विवेक जैन, रणधीर सिंह, साहत्री परमार, कृष्णा परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।