घोघरा डैम में डूबने से हाथी शावक की मौत

रायगढ़। बीते दिनों 20 हाथियों का दल बोजिया परिसर के कक्ष क्रमांक 516 आरएफ में विचरण कर रहा था। शाम साढ़े 5 से साढ़े 6 बजे के बीच सिंघीझाप परिसर के कक्ष क्रमांक 502 आरएफ की ओर बढ़ा। रात 2 से 3 बजे के बीच यह दल घरघोड़ा परिक्षेत्र से वापस लौटकर घोघरा डेम के पानी में उतरा, इसी दौरान शावक की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद दल के 15 हाथी लोटान क्षेत्र की ओर चले गए, जबकि शेष 5 हाथी, एक नर, तीन मादा और एक शावक शामिल थे, कक्ष क्रमांक 502 में ही रुके रहे। 8 मई को नियमित गश्त के दौरान हाथी ट्रैकर्स ने घोघरा डेम में शावक को मृत अवस्था में देखा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। टीम में डॉ. आशीष राठिया, डॉ. विवेक नायक एवं डॉ. अनिल कुमार सिंह शामिल हैं। टीम की उपस्थिति में मृत शावक का विस्तृत पीएम कराया गया। पीएम उपरांत मृत्यु के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक जांच के लिए विषरा के नमूने इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, इज्जतनगर, बरेली उत्तर प्रदेश और नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर मध्यप्रदेश भेजे जा रहे हैं।