भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले में 24 घंटे चला ईडी का छापा
धमतरी। भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले मामले में ईडी ने बीते दिनों राइस मिलर रोशन चंद्राकर और भाजपा नेता भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर दबिश दी। सोमवार अलसुबह से मंगलवार सुबह तक चली कार्यवाई। ईडी के अधिकारियों की टीम दस्तावेज जब्त कर रोशन चंद्राकर के घर से निकली है। जिसकी जांच के बाद और खुलासे हो सकते हैं। प्रवर्तन निदेशालय की टीम सोमवार को धमतरी में भाजपा नेता रोशन चंद्राकर और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की है। भूपेंद्र चंद्राकार पर अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा दिलवाने का आरोप है। गौरतलब है कि राइस मिल लेवी वसूली मामले में रोशन चंद्राकर के घर पर तीन साल पहले भी ईडी ने छापा मारा था। इस दौरान उन्हें जेल भी हुई थी।
यह है मामला:
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत राज्य में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान 500 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी का आरोप है।
प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में पता चला है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया। यह खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी आदि ने जमीन दलालों के साथ मिलकर किया। इसमें एक ही खसरे की जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया गया।
ईडी ने कार्रवाई करते हुए पूर्व में रायपुर और महासमुंद में करोड़ों की संपत्तियां अटैच कर 40 लाख रुपये से अधिक कैश जब्त किए हैं। इस मामले में तत्कालीन सब-डिविज़नल ऑफिसर निर्भय साहू और अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू ने 10 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सरकारी अधिकारी और जमीन दलाल आदि शामिल हैं।
