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उपचुनाव 2024: वोटिंग के साथ शुरू हुई राजनीतिक खींचतान और आरोपों की बौछार

उपचुनाव 2024:  उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल, और उत्तराखंड की 15 विधानसभा सीटों पर आज हो रहे उपचुनाव के लिए मतदान का दौर शुरू हो चुका है। इन उपचुनावों में कुल 15 सीटें शामिल हैं, जिनमें से 13 सीटें विधायकों के सांसद बनने के बाद खाली हुई थीं। इसके अलावा, एक सीट विधायक के निधन और एक सीट विधायक के जेल जाने के बाद खाली हुई है। मतदान के साथ ही इन सीटों पर राजनीतिक बयानबाजी और विवाद भी तेज हो गए हैं, खासकर उत्तर प्रदेश में, जहां बुर्के को लेकर नई सियासी जंग शुरू हो गई है।

बुर्के पर विवाद ने पकड़ा जोर

बुर्का पहनकर मतदान करने वाली महिलाओं को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच टकराव देखने को मिला। भाजपा ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखते हुए बिना पहचान पत्र के मतदान को फर्जी करार दिया और कार्रवाई की मांग की। इसके विपरीत, सपा ने महिलाओं को जांच के नाम पर परेशान न करने की अपील की। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि निर्वाचन आयोग को निष्पक्ष और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने पुलिस द्वारा मतदाताओं की पहचान पत्र जांचने, रास्ते बंद करने और आईडी कार्ड जब्त करने की घटनाओं को चुनावी प्रक्रिया में बाधा बताया। अखिलेश ने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया और मतदान का समय बढ़ाने की मांग की।

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मुजफ्फरनगर में तनाव और पुलिस पर पथराव

मुजफ्फरनगर के मीरापुर सीट पर मतदान के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। खबरों के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मतदान के लिए पहुंचे, लेकिन भीड़ अधिक होने पर पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। इस पर कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान एसएसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद था।

सपा प्रत्याशी के आरोप

सपा के सीसामऊ से उम्मीदवार नसीम सोलंकी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। कई मतदाताओं के आईडी कार्ड फाड़ दिए गए और पुलिस द्वारा जगह-जगह लोगों को परेशान किया जा रहा है। नसीम ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस महिलाओं को गालियां दे रही है और घर से बाहर निकलने से रोक रही है।

चुनावी माहौल और प्रशासन की भूमिका

चुनावी माहौल इन उपचुनावों में गर्म है। विपक्षी दल प्रशासन पर सत्ता पक्ष का साथ देने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि भाजपा निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग कर रही है। खासकर उत्तर प्रदेश में, प्रशासनिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।

उपचुनावों की अहमियत

इन उपचुनावों के नतीजे इन चार राज्यों के राजनीतिक परिदृश्य पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। भाजपा और सपा के बीच टकराव इन चुनावों को और दिलचस्प बना रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग इन आरोपों और विवादों को कैसे संभालता है और चुनावी प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रहती है।