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बड़ी खबर: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अजमेर शरीफ दरगाह के 813वें उर्स के मौके पर भेजी चादर

नई दिल्ली:  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर अर्पित कर एक धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाया। यह चादर 813 वें उर्स मुबारक के अवसर पर भेजी गई और खड़गे ने इसे बड़ी श्रद्धा और समर्पण के साथ कांग्रेस पार्टी और अपने व्यक्तिगत नाम से भेजा। उन्होंने इस अवसर पर देश की गंगा-जमुनी तहजीब, कौमी एकता और भाईचारे को महिमामंडित करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता विश्व के लिए एक आदर्श हैं। उनका यह मानना था कि हिंदुस्तान की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि उन्हें कुछ विकृत विचार और झोंकों से हिलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा इस परंपरा को जारी रखने को देश के हर नागरिक के कल्याण और विश्व कल्याण के संदर्भ में एक सकारात्मक कदम बताया। उनके अनुसार, चादर चढ़ाने का यह कदम हमारे देश की एकता और मानवता के प्रतीक के तौर पर कार्य करता है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने याद दिलाया कि भारतीय संविधान के निर्माता और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1924 में कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कुवांरबेला में एकजुटता, समभाव और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही नफरत की शक्तियों ने गांधीजी को हमसे छीन लिया, लेकिन उनके विचार हमेशा जीवित रहेंगे और कांग्रेस पार्टी उन्हें प्रासंगिक बनाए रखने के लिए हर हाल में संघर्ष करेगी।

उनकी यह विचारधारा देश के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश छोड़ने वाली है। खड़गे ने यह भी कहा कि भारत की यह गंगा-जमुनी तहजीब को पूरी दुनिया में प्रचलित किया जाना चाहिए। इस पहल के माध्यम से कांग्रेस का उद्देश्य सिर्फ देश में अमन और शांति को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इसे ग्लोबल मंच पर सशक्त करना है, जहां भाईचारे और मानवीय मूल्यों का पालन किया जा सके। इस प्रकार, यह चादर न केवल एक धार्मिक प्रतीक है, बल्कि यह सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वभौमिक एकता की मजबूत मिसाल भी पेश करती है।