विज्ञान@2047- वह दुनिया जिसे हम आज बना रहे है: सौमित्र को प्रथम और सोनाक्षी चौबे को मिला द्वितीय स्थान
भिलाई। मैत्री विद्या निकेतन, रिसाली, भिलाई के विज्ञान क्लब द्वारा “विज्ञान@2047 – वह दुनिया जिसे हम आज बना रहे हैं” विषय पर एक अंतर-विद्यालयीन विज्ञान संगोष्ठी प्रस्तुति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने युवा मस्तिष्कों को अपने वैज्ञानिक ज्ञान, नवीन विचारों और एक विकसित एवं टिकाऊ भारत के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाली 14 टीमों, जिनमें कुल 28 छात्र शामिल थे, जिन्होनें उत्साहपूर्वक भाग लिया। कक्षा IX से XII तक के विद्यार्थियों ने भारत के भविष्य को आकार देने में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), सतत् विकास और नवाचार की भूमिका को उजागर करते हुए पावरपॉइंट प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, अनुसंधान कौशल और प्रभावी संवाद को प्रोत्साहित करना था। इसने प्रतिभागियों को समकालीन चुनौतियों के नवीन समाधान तलाशने और 2047 तक एक विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम की शोभा मैत्री विद्या निकेतन, रिसाली की प्राचार्या एवं मैत्री एजुकेशनल एंड कल्चरल एसोसिएशन (MECA) की निदेशक डॉ. सजिता थम्बी और MECA के निदेशक एस. सजीव ने बढ़ाई। मैत्री विद्या निकेतन, रिसाली की उप-प्राचार्या डॉ. बीना सजीव ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें उन्होंने गणमान्य व्यक्तियों, निर्णायकों, शिक्षकों और भाग लेने वाले विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम में राजकुमार शर्मा (श्री शंकराचार्य विद्यालय, HUDCO, भिलाई के पूर्व प्रिंसिपल), डॉ. शीना शेखर (बीआईटी, दुर्ग में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष) और डॉ. नीतू राज पणिकर (सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई में प्राणीशास्त्र विभाग की सहायक प्रोफेसर) मुख्य निर्णायक थे। उनकी विशेषज्ञता और बहुमूल्य अंतर्दृष्टि ने प्रतियोगिता को समृद्ध किया, जबकि उनके मूल्यांकन ने विद्यार्थियों के ज्ञान, मौलिकता, प्रस्तुति कौशल और विषय की समझ को मान्यता दी।
प्रतियोगिता की विजेता माइलस्टोन अकादमी, भिलाई के कक्षा XI के पी. सौमित्र रही जिन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया; मैत्री विद्या निकेतन, रिसाली की कक्षा XI की सोनाक्षी चौबे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया; और श्री शंकरा विद्यालय, सेक्टर 10, भिलाई के कक्षा X के अकुल हलधर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का समापन विज्ञान विभाग की प्रमुख श्रीमती श्रीलता धवला द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए गणमान्य व्यक्तियों, निर्णायकों, विद्यालय प्रबंधन, भाग लेने वाले विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह प्रतियोगिता युवा शिक्षार्थियों के बीच वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार की भावना का जश्न मनाते हुए एक प्रेरणादायक नोट पर समाप्त हुई। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को बौद्धिक विकास, सहयोग और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए सार्थक मंच प्रदान करने की मैत्री विद्या निकेतन की प्रतिबद्धता को पुष्ट किया।
इस पहल के माध्यम से, विज्ञान क्लब ने विद्यार्थियों को वर्तमान से आगे की सोचने और वैज्ञानिक उन्नति, टिकाऊ प्रथाओं और तकनीकी प्रगति से संचालित भविष्य की कल्पना करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो 2047 तक एक विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देता है।
