हाईकोर्ट ने प्रधानाध्यापक आत्महत्या मामले में उप अभियंता सहित 2 को दी अग्रिम जमानत

बीजापुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीजापुर जिले के पालनार स्कूल के प्रधानाध्यापक राजू पुजारी आत्महत्या मामले में सोमवार को उप अभियंता शैलेश कुमार वसम और निर्माण कार्य से जुड़े छवितेश डोंगरे को अग्रिम जमानत प्रदान की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकल पीठ ने एमसीआरसीए क्रमांक 805/2026 में सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। यह मामला थाना बीजापुर के अपराध क्रमांक 35/2026 से जुड़ा है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 एवं 3 (5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 22 अप्रैल 2026 की है, जब एक सरकारी स्कूल के प्रधानपाठक का शव गांव के पास एक पेड़ से फांसी पर लटका मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण आत्महत्या बताया गया। जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था। इसमें स्कूल भवन निर्माण में कथित रूप से घटिया सामग्री के इस्तेमाल का उल्लेख था। मृतक ने आशंका जताई थी कि यदि भविष्य में भवन से संबंधित कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी उस पर आएगी। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि दोनों आवेदकों को झूठा फंसाया गया है। उनके अनुसार, आत्महत्या का निर्णय मृतक ने अपने मानसिक दबाव के कारण लिया था और आवेदकों द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद, हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए दोनों आवेदकों को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया है कि गिरफ्तारी की स्थिति में दोनों आरोपियों को व्यक्तिगत मुचलका और एक-एक जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा किया जाए। साथ ही, उन्हें गवाहों को प्रभावित नहीं करने, ट्रायल में सहयोग करने, प्रत्येक सुनवाई में उपस्थित रहने तथा भविष्य में इसी प्रकार के किसी अपराध में शामिल नहीं होने जैसी शर्तों का पालन करना होगा।