परिवहन विभाग के तुगलकी आदेश से परेशान बस मालिक, यात्री सेवा प्रभावित होने की आशंका
रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री परिवहन मुख्यतः सड़क मार्ग पर आधारित है और छत्तीसगढ़ की यात्री परिवहन सेवा सुचारू और सुव्यवस्थित रूप से चल रही है। लेकिन ऐसा लगता है कि कुछ अफसर सेवा में अवरोध उत्पन्न कर साय सरकार को बदनाम करने की षड़यंत्र कर रहे है।
विभाग द्वारा अचानक एक आदेश पारित कर माल ढोने के लिये लगे कैरियर को हटाने के लिए कहा गया है और ऐसा न करने पर उस गाडी का टैक्स लेने पर रोक लगा दी गई है और हैरानी की बात ये है कि आज टैक्स पटाने की अंतिम तारीख है। अगर बस मालिक टैक्स नहीं पटाते है तो गाडी नहीं चला पायेंगे और स्थिति में परिवहन सेवा पूरी तरह ठप पड़ने की आशंका है।
जबकी नियमानुसार बसो पर कैरियर लगाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के तहत प्रत्येक बस पर कैरियर लगाने का उल्लेख है और यात्री संख्या कम होने पर प्रत्येक यात्री के हिसाब से 75 किलोग्राम प्रति यात्री माल भी ढोया जा सकता है।
दुर्भाग्य की बात है सरकार को भरपूर राजस्व देने वाली बस सेवा को इस तरह बार-बार बाधित करने की कोशिश कुछ लोग कर रहे है। जो सरकार के लिये राजस्व हानि के अलावा बस सेवा ढप होने पर जनाक्रोश का भी कारण बन सकता है। ऐसा लगता पिछली सरकार में प्रभावशाली रहे कुछ अफसर अब भी अपने पुराने नेताओं के इशारें पर इस सरकार की लोकप्रियता को ठेस पहुंचाने की साजिश रच रहे है।
बस ओनर्स फ्रेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ विष्णुदेव साय सरकार से उक्त तुगलकी फरमान को तत्काल वापस लेने की मांग करता है ताकि बस सेवा सुचारू रूप से चलती रहें।
