भैंसों से भरी पिकअप मामले में नया मोड़
डोंगरगढ़। बोरतलाव थाने में भैंसों से भरी पिकअप को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मारपीट, एक लाख की उगाही के आरोप, वायरल वीडियो और ग्रामीणों व गौसेवकों के ज्ञापन के बाद मामला हर दिन नए खुलासों और दावों के साथ और उलझता जा रहा है।
घटना 10 जून की बताई जा रही है। डोंगरगढ़ के डेयरी संचालक मनोज श्रीवास्तव ने 20 जून को बोरतलाव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मनोज श्रीवास्तव, जो डेयरी व्यवसाय के साथ हिंदू संगठनों से भी जुड़े बताए जाते हैं, ने आरोप लगाया कि बरमपुर से खरीदी गई तीन भैंसों को लेकर लौट रही उनकी पिकअप को रास्ते में रोक लिया गया, चालक के साथ मारपीट की गई और वाहन छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की मांग कर राशि वसूल ली गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। एफआईआर दर्ज होने के दो दिन बाद, 22 जून को ग्राम अंडी के ग्रामीणों के साथ डोंगरगढ़ गौ सेवा समिति के अध्यक्ष बोरतलाव थाना पहुंचे और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं और वायरल वीडियो समेत पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस दिन वाहन रोका गया था, उस दौरान कई ऐसी परिस्थितियां थीं जिनकी जांच जरूरी है। दूसरी ओर मनोज श्रीवास्तव का आरोप है कि उनके चालक पर दबाव बनाकर वीडियो बनाया गया और उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
गौरतलब है कि घटना 10 जून की बताई जा रही है, जबकि एफआईआर 20 जून को दर्ज हुई। इसके बाद 22 जून को ग्रामीणों और गौसेवा संगठन की ओर से शिकायत सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। बोरतलाव पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी हुई है।
