अंतागढ़-रायपुर ट्रेन में यात्री जान जोखिम में डालकर करते हैं यात्रा
बालोद। अंतागढ़-रायपुर डेमू ट्रेन में यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा करते हैं। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि यात्री किस तरह से बोगी के अंदर जगह नहीं होने की वजह से गेट पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं। यह वीडियो ट्रेन से सफर कर रहे किसी यात्री ने बनाया है। यह वीडियो एक-दो दिन की नहीं, बल्कि ट्रेन में रोजाना यात्रा करने वाले उन छोटे व्यापारियों की, छात्रों की और मजदूरों की है, जो काम के सिलसिले में रोजाना बालोद-गुंडरदेही से मरोदा, दुर्ग या फिर रायपुर आना-जाना करते हैं।
यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना है कि दल्ली राजहरा, गुंडरदेही या फिर बालोद से दुर्ग-रायपुर तक आने-जाने के लिए ट्रेन ही सबसे सस्ता और कम समय लेने वाला सफर होता है। लेकिन गिनती की ट्रेनें और उनमें भी आम लोकल ट्रेनों की तुलना में कम बोगी लगाए जाने से लोगों को मजबूरी में गेटों में लटककर यात्रा करना पड़ता है। अंतागढ़-दुर्ग-रायपुर रुट पर यात्री ट्रेनों को चलाना रेलवे प्रशासन मजबूरी में चला रहा है। इस रुट से भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क का आपूर्ति की जाती है, और इस रुट का निर्माण भी इसी लिए किया गया था। ज्यादा यात्री ट्रेन चलाएंगे तो माल आपूर्ति प्रभावित होगी, जिसकी वजह से गिनती की ही यात्री ट्रेनों का परिचालन किया जाता है।
