कांकेर में मलेरिया से 10 दिन में 3 मौतें, बस्तर संभााग में 8426 मरीज पॉजिटिव मिले

कांकेर। जिले के मर्दापोटी बालक आश्रम में पढऩे वाले चौथी कक्षा के छात्र सुभाष कुमेटी (9) की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। जिले में दो दिन में मलेरिया से दो बच्चों की जान जा चुकी है। बीते 10 दिनों में यह तीसरी मौत है, तीनों मृतक स्कूली बच्चे हैं। वहीं छात्रावास के 11 बच्चे पॉजिटिव पाये गये हैं। मलेरिया के मरीज मिलने के बाद कांकेर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर विभाग अलर्ट मोड पर है। सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच कर रही है।
कांकेर स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मर्दापोटी और इरादाह छात्रावास में कुल 11 छात्र मलेरिया संक्रमित मिले हैं। प्रभावित छात्रावासों और गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें कैंप लगाकर इलाज कर रही हैं। जांच करने के साथ ही दवायें बांटी जा रही हैं। सभी छात्रावासों में विशेष निगरानी बरती जा रही है। स्वास्थ्य जांच में मलेरिया पॉजिटिव मिले तामेश्वर भास्कर (7) और विक्रम मंडावी (8) की हालत गंभीर होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया है। नवीन कुमेटी का इलाज एमसीएच अलबेलापारा में चल रहा है। मृतक छात्र सुभाष की तबीयत बिगडऩे पर परिजन पहले उसे अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में झाड़-फूंक कराने ले गए थे। गंभीर हालत में रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। लगातार मौतों के बाद सहायक आयुक्त जया मनु और जिला स्वास्थ्य अधिकारी की टीम आश्रम पहुंची और बच्चों का दोबारा टेस्ट कराया।
बस्तर संभााग को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए अभियान का 14वां चरण चल रहा है, लेकिन संक्रमण नहीं थम रहा है। इस साल जनवरी से अब तक 8426 लोग मलेरिया से पीडि़त हो चुके हैं। बस्तर में एक तरफ स्वास्थ्य विभाग कागजों पर ‘मलेरिया मुक्त अभियानÓ का दावा कर रहा है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि संक्रमण रोकने का सबसे मुख्य हथियार मेडिकेटेड मच्छरदानी पिछले दो साल से बांटी ही नहीं गई है। मानसून के साथ ही जुलाई-अगस्त से दिसंबर तक बस्तर में मलेरिया का पीक सीजन रहता है।