भंडारण एवं वितरण में अनियमितता मिलने पर दो कृषि केंद्रों पर कार्रवाई, एक प्रतिष्ठान सीलबंद

जांजगीर-चांपा। किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने जांजगीर-चांपा जिले में निजी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 2638 बोरी रासायनिक उर्वरक जब्त किए हैं।उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान चांपा स्थित थोक विक्रेता मेसर्स दिशा सेल्स में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में अनियमितताएं पाई गईं। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए 1150 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल), 428 बोरी एसएसपी (दानेदार), 630 बोरी एसएसपी (पाउडर) तथा 98 बोरी जिंकेटेड एसएसपी सहित कुल 2306 बोरी उर्वरकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें जब्त किया गया।
इसी प्रकार विकासखंड बलौदा के ग्राम पिसौद स्थित राजकुमार साहू कृषि केंद्र में छापामार कार्रवाई के दौरान 98 बोरी यूरिया, 94 बोरी जिंकेटेड एसएसपी, 70 बोरी ट्रिपल सुपर फॉस्फेट तथा 70 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल) का अवैध भंडारण पाया गया। इस पर 332 बोरी उर्वरक जब्त कर विक्रय प्रतिष्ठान को सीलबंद कर दिया गया। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा, उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले के सभी सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।