अमेरिका में जन्मजात नागरिकता खत्म करने की पहल तेज: सीनेट में विधेयक पेश, ट्रंप के आदेश पर पहले ही लगी थी अदालत की रोक
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर इस अधिकार को समाप्त करने की घोषणा की थी, लेकिन अमेरिकी अदालत ने इस आदेश को रोक दिया था। अब रिपब्लिकन पार्टी संवैधानिक तरीके से इस कानून में बदलाव लाने के लिए विधेयक लाकर इसे स्थायी रूप से समाप्त करने की तैयारी में है।
जन्मजात नागरिकता को खत्म करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य अमेरिका की नागरिकता नीति में बदलाव लाकर अवैध प्रवासन (Illegal Immigration) को नियंत्रित करना और जन्म पर्यटन (Birth Tourism) को समाप्त करना है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अनुसार, “अमेरिका में जन्मजात नागरिकता का कानून अब अप्रासंगिक हो चुका है और इसका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है।”
विधेयक में कहा गया है कि कई विदेशी नागरिक, खासकर अमीर तबके के लोग, केवल अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने के लिए अपने बच्चों का जन्म अमेरिका में करवाते हैं। इस प्रक्रिया को “जन्म पर्यटन” कहा जाता है, जिसमें चीन, रूस और कई अन्य देशों के लोग शामिल हैं।
सीनेटर ग्राहम ने कहा कि अमेरिका को अपनी नीति में बदलाव की बहुत पहले ही जरूरत थी, लेकिन अब और देर नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि “अगर कोई व्यक्ति यहां अवैध रूप से आता है और उसका बच्चा अमेरिका में जन्म लेता है, तो वह स्वतः ही अमेरिकी नागरिक बन जाता है। यह नीति अवैध प्रवासन को प्रोत्साहित कर रही है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।”
अमेरिका में जन्मजात नागरिकता का दायरा और दुरुपयोग
अमेरिका में जन्मजात नागरिकता संविधान के 14वें संशोधन (14th Amendment) के तहत दी जाती है। इस संशोधन के अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति स्वचालित रूप से अमेरिकी नागरिक बन जाता है, चाहे उसके माता-पिता किसी भी देश के क्यों न हों।
हालांकि, रिपब्लिकन नेताओं का तर्क है कि आज के समय में इस नीति का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे अमेरिकी नागरिकता प्रणाली कमजोर हो रही है।
विधेयक में सेंटर फॉर इमीग्रेशन स्टडीज (CIS) के एक शोध का हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया कि साल 2023 में करीब 2.25 लाख से 2.5 लाख बच्चों को जन्मजात नागरिकता मिली, जो अमेरिका में जन्मे कुल बच्चों का लगभग 7% था।
इसमें यह भी कहा गया है कि साल 2022 में होमलैंड सिक्योरिटी और सरकारी मामलों की समिति ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें यह खुलासा हुआ कि कई रूसी अमीर, मशहूर हस्तियां और एथलीट्स भी अपने बच्चों का जन्म अमेरिका में करवाकर उन्हें अमेरिकी नागरिकता दिला रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में कई कंपनियां इस कार्य में मदद कर रही हैं, जो विदेशियों को यह सिखाती हैं कि वीजा आवेदन के दौरान क्या जवाब देना चाहिए, ताकि वे गर्भवती होने के बावजूद अमेरिका में प्रवेश कर सकें और यहां बच्चे को जन्म दे सकें।
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश का असर
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में जन्मजात नागरिकता को खत्म करने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि “अमेरिका की नागरिकता प्रणाली का दुरुपयोग हो रहा है और अवैध प्रवासियों को इसका लाभ मिल रहा है।”
हालांकि, अमेरिकी अदालत ने इस आदेश को अमल में आने से रोक दिया था, यह कहते हुए कि इस तरह के बदलाव कार्यकारी आदेश से नहीं किए जा सकते, बल्कि इसके लिए विधायी प्रक्रिया अपनानी होगी। अब, रिपब्लिकन सांसदों ने संविधान में संशोधन करने और इसे कानूनी रूप से लागू करने के लिए विधेयक पेश किया है।
इस विधेयक के समर्थन और विरोध में तर्क
समर्थन में तर्क:
अवैध प्रवास को रोका जा सकेगा।
अमेरिकी नागरिकता का दुरुपयोग समाप्त होगा।
अमेरिकी करदाताओं पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।
जन्म पर्यटन जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगेगी।
विरोध में तर्क:
अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन होगा।
उन बच्चों के अधिकार प्रभावित होंगे, जो अमेरिका में जन्मे हैं लेकिन उनके माता-पिता विदेशी हैं।
अमेरिका को अप्रवासी विरोधी देश के रूप में देखा जा सकता है।
यह नीति अमेरिकी समाज में असमानता को बढ़ावा दे सकती है।
क्या यह विधेयक पास होगा?
इस विधेयक के भविष्य को लेकर अमेरिकी राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है। जहां रिपब्लिकन पार्टी इस विधेयक का समर्थन कर रही है, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी इस कदम का विरोध कर रही है।
अगर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो अमेरिका की नागरिकता नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव आएगा। अब केवल उन्हीं बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दी जाएगी जिनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक या कानूनी प्रवासी होंगे।
हालांकि, इसके पास होने की संभावना कम है, क्योंकि इसके लिए संविधान में संशोधन आवश्यक होगा और सीनेट तथा हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी।
