मेधावी बेटियों को देनें वाली 1690 स्कूटी बनी कबाड़, प्रशासन की अनदेखी का एक और नमूना…
नई दिल्ली | सरकार की अनदेखी का हाल राजस्थान सरकार द्वारा साल 2021-22 में मेधावी बेटियों को दी जाने वाली सैकड़ों स्कूटियां कबाड़ हो चुकी हैं | स्कूटियों के ढेर में अब झाड़ियां उग चुकी हैं, लेकिन सरकार का इस तरफ ध्यान ही नहीं है | बताया जा रहा है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने प्रतिभावान छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए कालीबाई भील स्कूटी वितरण योजना और देवनारायण योजना के तहत स्कूटी देने की घोषणा की थी|
इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में 65 फीसदी छात्राओं और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में 75% से ऊपर मार्क्स लाने वाली छात्राओं को स्कूटी देने की प्रावधान किया था| इस योजना के तहत बांसवाड़ा जिले में पिछले 3 साल मे करीब 500 से अधिक छात्राओं को स्कूटी वितरित की जा चुकी हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के बाद से ही यह योजना प्रभावित हुई है|
आचार संहिता के कारण रुकी थी योजना
आचार संहिता में वित्त विभाग के द्वारा क्यूआर कोड जारी न करने की वजह से 65 और 75 फीसदी मार्क्स लाने वाली छात्राओं को स्कूटी नहीं दी जा सकीं है| स्कूटी की सप्लाई करने वाली कंपनी ने सैकड़ों की संख्या में स्कूटी बांसवाड़ा जिला मुख्यालय के महाविद्यालय पर भेज दी है| यह स्कूटी पिछले काफी समय से खड़े-खड़े सड़ रही है, लेकिन सरकार का इन स्कूटियों पर बिल्कुल ध्यान नहीं है|
खुले आसमान के नीचे पड़ी 1690 स्कूटी
खुले आसमान में इन स्कूटियों की संख्या करीब 1690 बताई जा रही हैं| जिसकी कीमत करीब 13.50 करोड़ रुपए है| मामले की जानकारी देते हुए हरिदेव जोशी कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ सरला पंड्या ने बताया कि पिछले साल विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान लगी आचार संहिता की वजह से वित्त विभाग द्वारा क्यू आर कोड जारी नहीं हुए थे| जिस वजह से छात्राओं को स्कूटी बांटने वाली योजना रुक गई| सरकार की स्वीकृति के बाद संबंधित छात्राओं को स्कूटी वितरित कर दी जाएगी|
जानकारी में सामने आया है कि एक तरफ 2 साल से पुरानी स्कूटियों को बांटा नहीं गया है| वहीं दूसरी तरफ बांसवाड़ा के नोडल केंद्र हरिदेव जोशी राजकीय कन्या महाविद्यालय ने साल 2023- 2024 के लिए छात्राओं को स्कूटी देने के लिए आवेदन लेना शुरू कर दिया है| अभी तक 1368 छात्राएं आवेदन भी कर चुकी हैं.
