CHHATTISGARHPOLITICAL

ओपी चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका: जीएसटी कंपनसेशन सेस पुनर्गठन के मंत्रियों के समूह में शामिल

रायपुर:  जीएसटी के तहत कंपनसेशन सेस के पुनर्गठन के लिए गठित मंत्रियों के समूह में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में इस समूह का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य जीएसटी कंपनसेशन सेस के समापन के बाद एक नया और प्रभावी कर ढांचा तैयार करना है। इस मंत्रियों के समूह में श्री ओपी चौधरी के साथ अन्य प्रमुख राज्यों के वित्त मंत्रियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। असम की वित्त मंत्री स्मिता नेग, गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और तमिलनाडु के वित्त मंत्री थांगम थिन्नारसु इस समूह का हिस्सा हैं।

यह समूह कंपनसेशन सेस की समाप्ति के बाद एक समग्र और स्थायी कर प्रणाली विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। जीएसटी काउंसिल की 54वीं बैठक में इस दिशा में नए कर प्रस्तावों पर विचार करने की आवश्यकता महसूस की गई थी, ताकि राज्यों को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों में किसी प्रकार की कमी न हो। कंपनसेशन सेस के अंतर्गत राज्यों को प्राप्त होने वाली वित्तीय सहायता विकास परियोजनाओं और राज्य की वित्तीय स्थिरता के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण रही है।

इस नई कर प्रणाली को लागू करने का उद्देश्य राज्यों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना है, साथ ही आर्थिक विकास को भी गति देना है। मंत्रियों का यह समूह नए कर ढांचे के सभी पहलुओं का गहन अध्ययन करेगा और इस बात का ध्यान रखेगा कि यह प्रणाली न केवल राज्यों के लिए फायदेमंद हो, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी आर्थिक प्रगति को बढ़ावा दे।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की इस समूह में भागीदारी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे राज्य की विकास योजनाओं को मजबूत वित्तीय समर्थन मिल सके।