मेक इन इंडिया कार्यक्रम का आज 8 वर्ष पुरा
नई दिल्ली :- सरकार का अग्रणी कार्यक्रम मेक इन इंडिया आज आठ वर्ष पूरे कर लिया। इस अवधि में अभी तक वार्षिक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश- एफ डी आई दोगुना होकर 83 अरब डॉलर हो गया है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। विश्व अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर की उपयोगिता की पहचान करते हुए सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर के डिस्प्ले और डिजाइन के अनुरूप परिवेश बनाने के लिए दस अरब डॉलर की एक प्रोत्साहन योजना शुरू की है।
मंत्रालय ने कहा कि इस वर्ष अप्रैल-अगस्त में वर्ष 2013 की इसी अवधि की तुलना में भारतीय खिलौनों का निर्यात छह सौ 36 प्रतिशत बढ़ गया है।
मंत्रालय के अनुसार सार्वजनिक खरीद (मेक इन इंडिया वरीयता) आदेश 2017 ने स्थानीय उद्योग को बढ़ावा दिया है। इसके अनुसार सार्वजनिक खरीद में स्वदेशी वस्तुओं, कार्यों और सेवाओं को वरीयता दी जाती है। इससे देश में कारोबार करने के माहौल में सुधार हुआ है और लागत में कमी आई है।
मंत्रालय ने कहा है कि विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार ने उदार और पारदर्शी नीति अपनाई है और ज्यादातर क्षेत्रों को ऑटोमेटिक रूट के माध्यम से एफ डी आई के लिए खोल दिया गया है।
मेक इन इंडिया कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 में शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम ने देश को प्रमुख वैश्विक विनिर्माण और निवेश स्थल में बदल दिया है। यह कार्यक्रम न्यू इंडिया की विकास गाथा में भागीदारी करने के लिए दुनियाभर में संभावित निवेशकों और भागीदारों को खुला आमंत्रण है। मेक इन इंडिया 27 उद्योग क्षेत्रों में फैला है इनमें रणनीतिक महत्व के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र भी शामिल हैं।
