दिल्‍ली में कोविड के बढते संक्रमण के कारण येलो अलर्ट घोषित

स्‍कूल, कॉलेज, स्‍पोर्ट्स काम्‍प्‍लेक्‍स, सिनेमाहॉल और बेंक्‍वेट हॉल तत्‍काल प्रभाव से बंद

नई दिल्ली :- कोविड-19 के बढते मामलों को देखते हुए दिल्‍ली में स्‍कूल, कॉलेज, सिनेमा हॉल, जिम, मल्‍टीप्‍लेक्‍स, बैंक्‍वेट हॉल, ऑडिटोरियम और स्‍पोर्टस कॉम्‍पलेक्‍स तत्‍काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं।

दिल्‍ली में रात का कर्फ्यू दस बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक लागू रहेगा। ग्रेडेड रिस्‍पांस एक्‍शन प्‍लान- ग्रैप के अंतर्गत दिल्‍ली में घोषित येलो अलर्ट के मद्देनज़र ये प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

दिल्‍ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण- डीडीएमए के आदेश के अनुसार दिल्‍ली मेट्रो और बसें बैठने की पचास प्रतिशत क्षमता के चलेंगी और इनमें खडे होकर यात्रा नहीं की जा सकेंगी।

रेस्‍त्रां को पचास प्रतिशत क्षमता के साथ सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक और बार को भी पचास प्रतिशत क्षमता के साथ दोपहर 12 बजे से रात दस बजे तक ही काम करने की अनुमति दी गई है।

राजनीतिक, धार्मिक और त्‍यौहारों के समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अंतिम संस्‍कार और विवाह कार्यक्रम में अधिकतम बीस लोग शामिल हो सकेंगे।

डीडीएमए के आदेश में कहा गया है कि शादी केवल घर में की जा सकेंगी। मॉल में दुकानें ऑड ई-वन आधार पर खुलेंगी। धार्मिक स्‍थल खुले रहेंगे लेकिन उनमें किसी श्रद्धालू को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

सार्वजनिक पार्कों और बागीचों में केवल सैर करने, दौड़ने और खेलने की अनुमति होगी।

अंतर्राजीय बस सेवा के अंतर्गत बसों में पचास प्रतिशत की क्षमता तक यात्री बैठ कर यात्रा कर सकेंगे। दिल्‍ली सरकार के कार्यालयों में ग्रुप-ए के अधिकारियों और अनुभाग अधिकारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति होगी, जबकि ग्रुप-ए से कम दर्जे के पचास प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय आना होगा।

निजी कार्यालयों में भी पचास प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति की अनुमति दी गई है।

ग्रेडेड रिस्‍पांस एक्‍शन प्‍लान- ग्रैप, पॉजिटिविटी रेट की दर, कोविड के नए मामलों और ऑक्‍सीजन बेड की संख्‍या पर आधारित है। ग्रैप के अंतर्गत चार श्रेणि‍यां निर्धारित की गई हैं, ये हैं- येलो, एम्‍बर, ऑरेन्‍ज और रेड।

दिल्‍ली में पिछले कुछ दिनों से कोविड के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है और लगातार दो दिन से पॉजिटिविटी रेट शून्‍य दशमलव पांच प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इसके अलावा कोविड के नए वैरिेएंट ओमिक्रॉन के मामले भी बढ़ रहे हैं।