चक्रवाती तूफान से बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों के बारिशा के आसार
रायपुर | चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी में तब्दील हो रहा है| 24 अक्टूबर को यह तूफान ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों से टकरा सकता है| मौसम विभाग की माने तो यह अंडमान सागर में 22 अक्टूबर की सुबह से तेजी दिखा सकता है| दाना चक्रवाती तूफान का छत्तीसगढ़ पर भी असर देखे को मिल सकता है| रायपुर मौसम विभाग की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि यह तूफान छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर नहीं दिखाएगा, लेकिन इसकी वजह से छत्तीसगढ़ में बारिश हो सकती है| मौसम का मिजाज बदल सकता है|
रायपुर मौसम विभाग ने संभवाना जताई है कि 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश के एक दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है| इसके साथ ही कुछ स्थानों पर बादल छाए रहेंगे| चक्रवाती तूफान दाना का असर 24 अक्टूबर की रात और 25 अक्टूबर की सुबह तक रहेगा| पुरी और उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा| इस दौरान यहां पर 100 से 110 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है|
मौसम विभाग ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों को लेकर अलर्ट जारी किया है| सबसे ज्यादा अलर्ट ओडिशा को लेकर जारी किया गया है| ओडिशा के पुरी, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और कटक में तेज रफ्तार में हवाएं चलेंगी| यहां 100 से 110 प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी| बुधवार को पश्चिम बंगाल में इस तूफान की वजह से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है| ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बंदरगाहों को अलर्ट कर दिया गया है|
ओडिशा में चक्रवात दाना की वजह से जीरो केजुअल्टी के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई है| ओडिशा में संभावित चक्रवात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 13 जिलों में तैयारी की है| इनमें से 6 जिले बालासोर, भद्रक, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और मयूरभंज अति संवेदनशील हैं|
ओडिशा में 6244 राहत केंद्र तैयार किए गए हैं| संवेदनशील इलाकों से लोगों को हटाने की तैयारी है| करीब 10 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की योजना है| करीब 8 हजार से ज्यादा गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई है, जिनके 7 से 15 दिनों के भीतर बच्चे को जन्म देने की संभावना है, उन्हें उनके घरों से अस्पतालों में ट्रांसफर करने की तैयारी है|
वहीं ओडिशा में विभिन्न संवेदनशील जिलों में 51 ओडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं| 178 अग्निशमन टीमों ने भी विभिन्न जिलों में मोर्चा संभाल लिया है| 40 अग्निशमन टीमें तैयार हैं| एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात की गई हैं|
