उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने प्रौद्योगिकी संस्थानों से विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमशीलता और प्रयोग की भावना का संचार करने का आग्रह किया
उप-राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि ऑनलाइन कक्षाएं हमेशा के लिए नहीं हो सकती है क्योंकि वर्चुअल माध्यम से ली गई कक्षाएं, असल कक्षाओं का रूप नहीं ले सकती।
पुद्दुचेरी तकनीकी विश्वविद्यालय को इंजीनियरिंग कालेज के रूप में प्रोन्नत करने के उदघाटन समारोह में नायडु ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ और पढाई की प्रक्रिया बाधित हुई है, लेकिन बुरा दौर अब समाप्त होने को है और देश में विश्व के सबसे बडे मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम से हम इस महामारी के संकट से उभरने की उम्मीद कर रहे हैं।
नायडु ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाएं क्लासरूम में की गई पढाई का विकल्प नहीं हो सकती और विद्यार्थियों को अब जल्द से जल्द विद्यालयों और महाविद्यालयों में लौटना चाहिए। श्री नायडु ने आशा व्यक्त की कि टीकाकरण के मामले में पुद्दुचेरी अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बनेगा।
वेंकैया नायडू ने संस्थानों से विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमशीलता और प्रयोग की भावना विकसित करने का आग्रह किया।
नायडु, पुद्दुचेरी की दो दिन की यात्रा पर हैं। उन्होंने पुद्दुचेरी विश्वविद्यालय में दो दशमलव चार मेगावाट क्षमता के सोलर बिजली संयंत्र का उदघाटन किया।
पुद्दुचेरी की उपराज्यपाल डॉ० तमिलिसाई सौंदराराजन, मुख्यमंत्री एन० रंगासामी और विधानसभा अध्यक्ष एम्बलम आर. सेल्वम भी समारोह में शामिल हुए।
