TMC नेता बनर्जी ने Waqf बोर्ड बैठक में अभिजीत गंगोपाध्याय पर लगाया परिवार को गाली देने का आरोप, झड़प के बिच कल्याण बनर्जी घायल

नई दिल्ली वक्फ विधेयक पर हाल ही में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय के बीच हुई तीखी बहस ने गंभीर मोड़ ले लिया। इस झड़प के बाद, बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए गंगोपाध्याय पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके परिवार को अपमानित किया। बनर्जी ने कहा कि बैठक में अभिजीत गंगोपाध्याय ने न केवल उनके खिलाफ असभ्य टिप्पणी की, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी गाली दी, जबकि उस समय जेपीसी के अध्यक्ष वहां मौजूद नहीं थे।

बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा नियमों और विनियमों का पालन किया है, लेकिन गंगोपाध्याय के असभ्य व्यवहार ने उन्हें उत्तेजित कर दिया। उन्होंने कहा, “नसीर और अभिजीत गंगोपाध्याय के बीच पहले ही बहस चल रही थी, जब मैंने पूछा कि गंगोपाध्याय चिल्ला क्यों रहे हैं। इसके बाद उन्होंने मुझे, मेरी मां, पिता और पत्नी को गाली देना शुरू कर दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि जब जेपीसी के अध्यक्ष पहुंचे, तो वे गंगोपाध्याय के प्रति सख्त थे, जबकि बनर्जी के प्रति नरम रवैया अपनाया गया, जिससे उन्हें निराशा हुई। इसी स्थिति में, उन्होंने मेज पर रखी कांच की बोतल तोड़ दी, जिससे उनके हाथ में चोट लगी।

इस झड़प के कारण, कल्याण बनर्जी को जेपीसी की एक बैठक में भाग लेने से भी रोका गया। उन्हें हाथ में चोट लगने के कारण चार टांके लगवाने पड़े। इस घटना ने सदन में तनाव बढ़ा दिया, और इससे विधेयक पर चर्चा प्रभावित हुई। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 में प्रस्तावित सुधारों में संपत्तियों के डिजिटाइजेशन, कड़े ऑडिट प्रक्रियाओं, और अवैध कब्जे को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी ढांचे की स्थापना की कोशिश की गई है।

यह मामला न केवल तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को दर्शाता है, बल्कि सदन में आपसी सम्मान की कमी और संवाद के टूटने का भी संकेत देता है। ऐसे विवादों के चलते विधायी प्रक्रिया में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, और इससे समाज में एक नकारात्मक संदेश जा रहा है। आगामी दिनों में इस मामले पर और चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा।