केन्द्र ने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब की स्थिति का जायजा लेने के लिए 50 उच्च स्तरीय दल गठित किए हैं

केन्द्र के एक दल ने आज मुंबई में कोविड महामारी की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स टीकाकरण केन्द्र का दौरा किया। दो अन्य केन्द्रीय दल महाराष्ट्र के सांगली और सोलापुर जिले के दौरे पर पहुंचे हैं।
केन्द्र सरकार ने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब में कोविड मामलों की संख्या में तेज दैनिक बढोतरी को ध्यान में रखते हुए वहां की स्थिति का जायजा लेने के लिए पचास उच्च स्तरीय दल गठित किए हैं। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव कुणाल कुमार महाराष्ट्र के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। उनके नेतृत्व में केन्द्रीय दल महाराष्ट्र के दस जिलों का दौरा कर रहे हैं।
इस बीच, महराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने आज कहा कि केन्द्र ने राज्य के लिए कोविड-19 टीकों की खुराक की संख्या सात लाख से बढाकर 17 लाख कर दी है। मुंबई में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए टोपे ने कहा कि मुंबई, सांगली, सातारा और बुलढाना जिलों में टीकों की जबरदस्त कमी महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य के पास सिर्फ दो दिन की टीके की खुराक और बची हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में एक दिन में छह लाख टीके लगाए जा रहे हैं और अगर इसी रफ्तार से टीके लगते रहे तो एक सप्ताह में टीके की चालीस लाख खुराकों और महीने में एक करोड़ साठ लाख की जरूरत पड़ेगी।
टोपे ने यह भी बताया कि उन्होंने और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से बात की है और टीके की खुराकों की संख्या बढ़ाने को कहा है।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 टीकों और रेमेडेसिविर दवा की कमी, पडोसी राजयों से ऑक्सीजन की सप्लाई और वेंटिलेटरों के संचालन के लिए सहायता के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वर्चुअल बैठक के कारण चर्चा करेगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्य में कोविड महामारी की स्थिति के बारे में आज साढे छह बजे प्रधानमंत्री के साथ वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करने वाले हैं।
महाराष्ट्र में कोविड टीकों की कमी की वजह से कई टीकाकरण केन्द्र अस्थायी रूप से बंद करने पडे हैं। माहिम में एक टीकाकरण केन्द्र के साथ-साथ मुलुंद स्थित फोर्टिस अस्पताल के टीकाकरण केन्द्र और वासीजम्बो में ई एस आई एस अस्पताल के टीका केन्द्र को अस्थायी रूप से बंद किया गया है क्योंकि उनके पास लगाने के लिए टीके नहीं बचे हैं।

