“भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज में बढ़ा तनाव, रवींद्र जडेजा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का विरोध”
मेलबर्न: भारतीय क्रिकेट टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है, जहां वह 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में मेजबान टीम के खिलाफ मुकाबला कर रही है। सीरीज का पहला टेस्ट पर्थ में खेला गया था, जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रन से हराया। इसके बाद, एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 10 विकेट से हराया। गाबा टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ और अब सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। सीरीज का चौथा टेस्ट 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेला जाएगा।
चौथे टेस्ट के लिए भारतीय टीम की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। 21 दिसंबर को एमसीजी में भारतीय टीम का पहला प्रैक्टिस सत्र हुआ, जिसमें सभी खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस दौरान, भारत के प्रमुख ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने मीडिया से बात की और हिंदी में सवालों के जवाब दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों ने जडेजा से अंग्रेजी में सवाल पूछा, लेकिन जडेजा ने इस पर प्रतिक्रिया दी और पीसी छोड़ दी, यह कहकर कि उन्हें बस पकड़नी है।
इस प्रतिक्रिया को लेकर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में असंतोष देखने को मिला। भारतीय टीम के मीडिया मैनेजर, मौलिन पारिख ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को समझाने की कोशिश की कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल भारतीय पत्रकारों के लिए थी, लेकिन कुछ पत्रकारों ने इसे अनसुना किया और मीडिया मैनेजर के साथ दुर्व्यवहार किया। यह घटना भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के बीच के तनाव को दर्शाती है, खासकर उस समय, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच का मुकाबला हमेशा ही अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और तीखा होता है।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम और ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के बीच कई घटनाएं घट चुकी हैं। 2008 में ‘मंकीगेट’ विवाद के दौरान भारतीय क्रिकेटरों और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बीच की तकरार को याद किया जाता है, और इससे जुड़ी मीडिया के पक्षपाती नजरिए की आलोचना भी की गई थी। इसके अलावा, हाल ही में विराट कोहली और एक ऑस्ट्रेलियाई महिला पत्रकार के बीच भी विवाद हुआ था, जब कोहली ने महिला पत्रकार से अनुरोध किया था कि उनके परिवार की तस्वीरों को हटाया जाए, जबकि उन्हें तस्वीरों को सार्वजनिक करने का अधिकार था।
सीरीज के 1-1 के बराबरी पर होने के बाद, क्रिकेट की दुनिया अब चौथे टेस्ट पर नजरें लगाए हुए है। दोनों टीमों के बीच की यह प्रतिद्वंद्विता दिन-प्रतिदिन और तीखी होती जा रही है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) का अगला अध्याय क्या मोड़ लेता है।
