महाकुंभ में भगदड़ हादसा: योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की,

 उत्तर प्रदेश:  महाकुंभ मेला हमेशा से ही भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक महोत्सवों में से एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा है, जहां लाखों श्रद्धालु हर 12 साल में संगम क्षेत्र में पवित्र स्नान के लिए एकत्र होते हैं। इस वर्ष के महाकुंभ के दौरान, 29 जनवरी को हुई एक दुखद घटना ने इस आयोजन को काले बादल की तरह ढक लिया। जब लाखों श्रद्धालु पवित्र मौनी अमावस्या के दिन संगम में डुबकी लगाने के लिए एकत्रित हुए थे, तब भीड़ के चलते मची भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की मृत्यु हो गई और 60 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना प्रयागराज में घटित हुई, जहां हर साल महाकुंभ मेला आयोजित होता है।

डीआईजी वैभव कृष्ण ने शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना की जानकारी देते हुए कहा कि 25 शवों की पहचान कर ली गई है, जबकि 5 शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। मृतकों में कर्नाटक, असम और गुजरात राज्य से भी लोग शामिल हैं। 36 घायलों को स्थानीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जो इस दुखद समय में राहत प्रदान करने के लिए की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच का आदेश दिया है। उन्होंने तीन सदस्यीय एक न्यायिक आयोग का गठन किया है, जिसमें जस्टिस हर्ष कुमार, पूर्व डीजी वीके गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डीके सिंह शामिल हैं। यह समिति निश्चित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। मुख्यमंत्री ने स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए अपना दिल्ली दौरा भी रद्द कर दिया है, ताकि वह घटनास्थल पर ध्यान केंद्रित कर सकें और प्रशासनिक सहायता सुनिश्चित कर सकें।

मौनी अमावस्या के अवसर पर इस हादसे के बावजूद, 7.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया, जो महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्वों में से एक था। यह घटना न केवल एक मानव त्रासदी के रूप में सामने आई, बल्कि महाकुंभ के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उजागर किया।

इस हादसे के बाद, देशभर में नेताओं ने शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और इस घटना की न्यायिक जांच की जरूरत को रेखांकित किया।

महाकुंभ 2025 के अन्य प्रमुख स्नान पर्वों की तारीखें भी घोषित की गई हैं, जिनमें 3 फरवरी को वसंत पंचमी, 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा, और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि शामिल हैं। इन तिथियों पर भी लाखों श्रद्धालुओं के संगम में पवित्र स्नान के लिए जुटने की संभावना है। महाकुंभ मेला हर 12 साल में आयोजित होता है, और इस वर्ष यह 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा।