पत्रकार वार्ता में खुलासा: लोककला और मिनी थिएटर से खुले कलाकारों के लिए नए अवसर
रायपुर। कई ऐसे कलाकार अभी भी पहचान के मोहताज बने हुए हैं। चिन्हांरी में उनका नियम शर्तों का पालन करने की बाध्यता के चलते पंजीयन नहीं हो पाया है। इससे उन्हें प्रापर काम भी नहीं मिलता है। ऐसे करीब 45 हजार कलाकारों के सामने आर्थिक समस्या की स्थिति है। ऐसे लोगों के जीवन स्तर को सुधारने और काम देने के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म लोककला एवं मिनी थिएटर सहकारी समिति मर्यादित का गठन किया है। इस संदर्भ में गुरुवार को पत्रकार वार्ता में समिति के संस्थापक अमित परगनिहा और रायपुर संभाग की अध्यक्षा अलका परगनिहा ने बताया कि कलाकारों को जोड़ने की पहल कर रहे हैं।
ट्रायवल फिल्म फेस्टिवल
आगे बताया कि अगले तीन साल में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र में 25 मिनी थिएटर तैयार किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ी फिल्मों के प्रदर्शन के लिए एक नया मंच मिलेगा। समिति फिल्मों के प्रमोशन व वितरण का भी काम करेगी। इससे दबे हुए कलाकारों को काम के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अवसर भी मिलेगा। प्रति थिएटर के निर्माण पर करीब 60 लाख रूपए खर्च होगा। इसे बनाने में सरकार से भी मदद लेंगे। ट्रायवल फिल्म फेस्टिवल का भी आयोजन करने का प्लान तैयार किया है।
