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बारिश से अन्नदाताओं का हाल हुआ बेहाल, किसानों के कर्ज तत्काल माफ करके मुआवजा राशि दे प्रदेश सरकार : जितेन्द्र वर्मा

रायपुर/पाटन। प्रदेश की कांग्रेस सरकार की लापरवाही से अन्नदाता रूपी किसानों का हाल बेहाल हो गया है। बीती रात हुई बारिश से किसानों की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। बारिश की आशंका के मद्देनजर हमने 1 नवम्बर से धान खरीदी करने की मांग बार बार राज्य सरकार से की थी लेकिन सरकार ने हमारी मांगो को अनसुना किया जिसके नतीजा यह है कि बीती रात हुई बारिश से किसानों की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। उपरोक्त बातें भाजपा विधायक दल के स्थायी सचिव जितेन्द्र वर्मा ने कही।

वर्मा ने आगे कहा कि राज्य सरकार सत्ता के नशे में इतनी मदमस्त है कि जनमानस के लिए अन्न उपजाने वाले किसानों को कहीं का नही छोड़ा, किसानों की अनदेखी से उनकी फसल पूरी तरह चौपट हो गई है, इसके बावजूद राज्य सरकार के की कुम्भकर्णी की नींद नहीं टूट रही है। गौरतलब है कि पानी की कमी के कारण किसानों की फसल ठीक नहीं थी। उसके बाद बेमौसम बारिश ने पूरी फसल को बर्बाद कर दिया है। आज किसानों के माथे पर उभरी चिंता की लकीरें स्पष्ट दिख रही है। किसान अपने माथे पर हाथ रखकर बैठा है। उसका बैठना भी लाजिमी है क्योंकि किसानों की पूरी आर्थिक स्थिति बोए गए उपज पर निर्भर रहती है।

अगर उपज ठीक नहीं होती है तो कमर टूट जाती है। आज वही स्थिति हो गई है प्रदेश के अन्नदाता रूपी किसान चारो तरफ से संकट के दौर से घिर गए हैं। जितेन्द्र वर्मा ने राज्य सरकार पर आक्रोश जताते हुए कहा कि किसान पूरी तरह कर्ज में डूबा हुआ है। फसल के लिए पहले ही कर्ज ले चुका किसान बारिश की मार के चलते दोहरे कर्ज में डूबेगा। इस कारण राज्य सरकार किसानों के कर्ज को माफ करते हुए अविलंब धान की खरीदी चालू करे और फसल नुकसान हुआ है उनका तत्काल मुआवजा दिया जाय। वर्मा ने कहा राज्य सरकार ने जिस प्रकार किसानों के फसल की अनदेखी की उससे संकट की घड़ी उत्पन्न हो गई है। भूपेश सरकार अपने आप को किसानों की हितैषी बताती है जबकि वास्तविकता यह है कि राज्य सरकार को किसानों से कोई सरोकार नहीं है, इसलिए समय पर धान खरीदी प्रारंभ नही की गई। किसानों को तत्काल मुवावजा राशि दिए जाने की मांग करते हुए वर्मा ने कहा कि अगर राज्य सरकार धान खरीदी 1 नवम्बर से करती तो किसानों को इतनी बड़ी क्षति नही होती।

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