प्रधानमंत्री ने कहा- योग केवल भारत के लिए नहीं बल्कि सम्‍पूर्ण मानवता के लिए है, योग सिर्फ व्‍यक्तियों के लिए नहीं बल्कि वैश्विक शांति में सहायक

नई दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज विरासत शहर, मैसूरू के प्रसिद्ध महल के प्रांगण में आठवें अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्‍ट्र का नेतृत्‍व किया।

इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि योग सिर्फ भारत के लिए नहीं है, बल्कि समूची मानवता के लिए है। उन्‍होंने कहा कि योग सिर्फ व्‍यक्त्यिों के लिए नहीं बल्कि, विश्‍व शांति के लिए है।
प्रधानमंत्री ने योग के असीमित लाभ महसूस करने की आवश्‍यकता पर बल दिया।

उन्‍होंने कहा कि योग एक ऐसी प्रक्रिया है, जो मन की शांति को सार्वभौम शांति से जोड़ती है। उन्‍होंने कहा हमारे पूर्वज ब्रह्माण्‍ड को समझने के लिए स्‍वयं को जानने की आवश्‍यकता पर बल देते थे। आज योग उसे हासिल करने का मार्ग दिखाता है। उन्‍होंने सभी का आह्वान किया कि वे योग को जीवनशैली बनाएं।

इस अवसर पर आयुष मंत्री सर्बानन्‍द सोनोवाल ने कहा कि योग हमारी कला, संस्‍कृति और परम्‍परा है।

कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बसव राज बोमई ने योग कार्यक्रम के लिए मैसूरू का चयन किए जाने पर प्रधानमंत्री का आभार व्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री योग के माध्‍यम से समूचे विश्‍व को एक मंच पर लाने में सफल रहे हैं।

कर्नाटक के राज्‍यपाल थावर चंद गहलोत मैसूरू के शाही परिवार के वंशज यदुवीर कृष्‍णदत्‍ता, कामराज वाडियार और उनकी माताजी प्रमोदा देवी वाडियार भी इस अवसर उपस्थित थीं। योग दिवस के अवसर पर करीब 15 हजार युवाओं ने प्रधानमंत्री के साथ योगासन किए।