प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में अगले 25 वर्ष के लिए भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की
नई दिल्ली :- राष्ट्र ने देशभक्ति की भावना और उत्साह से 75वां स्वाधीनता दिवस मनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया।
राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने अगले 25 वर्षों के लिए भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की और कई योजनाओं की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों और भारत तथा लोकतंत्र से प्रेम करने वाले विश्व के लोगों को बधाई दी। उन्होंने देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश सभी स्वाधीनता सेनानियों का ऋणी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विभाजन की पीड़ा कभी भुलाई नहीं जा सकती और सरकार ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित किया है।
मोदी ने कहा कि कोरोना काल ने न केवल देश के बल्कि संपूर्ण मानवता के सामने बहुत बड़ी चुनौती खड़ी की और देश ने धैर्य से इस महामारी का मुकाबला किया। उन्होंने कोविड महामारी से लड़ाई में निर्भीक सेवा करने वाले सभी लोगों को नमन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें विश्वस्तरीय उत्पाद तैयार करने, अत्याधुनिक नवाचार और नए युग की प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए मिलकर काम करना होगा।
मोदी ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शुरू करने जा रहा है। समग्र ढांचागत विकास की एक सौ लाख करोड़ रुपये की गतिशक्ति पहल से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण के लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र दिया। मोदी ने कहा कि नये भारत का विकास समावेशी और सामंजस्यपूर्ण है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लिए लोगों का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि पूर्वी भारत, उत्तरी भारत, जम्मू-कश्मीर और हिमालयी क्षेत्र सहित संपूर्ण लद्दाख, तटवर्ती इलाके और जनजातीय क्षेत्र भारत के भावी विकास का बड़ा आधार बनेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने 75 नई वंदेभारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की भी घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा आज का काम ही हमारे भविष्य की रूपरेखा तय करता है। उन्होंने कहा कि हमारा दृढ़ निश्चय और एकता ही हमारी शक्ति है और राष्ट्र प्रथम ही हमारा मंत्र है।
