दिल्ली चुनाव में सियासी घमासान: योगी-केजरीवाल के बीच यमुना पर तकरार, अखिलेश ने भी कसा तंज
लखनऊ: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नज़दीक आते ही राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान को तेज़ कर दिया है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा की तरफ से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को दिल्ली पहुंचे और किराड़ी इलाके में एक जनसभा को संबोधित किया। इस सभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली की सफाई व्यवस्था और यमुना नदी की हालत को लेकर सवाल उठाए।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, “केजरीवाल ने दिल्ली को कूड़ाघर बना दिया है। यमुना नदी की हालत बद से बदतर हो गई है। मैं उनसे पूछता हूं, क्या उनमें यमुना में स्नान करने की हिम्मत है?” उन्होंने दिल्ली सरकार पर कड़े प्रहार करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के लोगों को सिर्फ वादे दिए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं किया।
योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद सियासत और गरमा गई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “दूसरों को चुनौती देने वाले पहले अपने प्रदेश की यमुना नदी की स्थिति को देखें। मथुरा से गुजरती यमुना जी का हाल देखें और उसमें आचमन करके दिखाएं।” अखिलेश के इस बयान ने भाजपा पर तीखा वार करते हुए उत्तर प्रदेश में पर्यावरण और जल संरक्षण के मुद्दे को सामने रखा।
योगी आदित्यनाथ के बयान से दिल्ली चुनाव में भाजपा की रणनीति साफ नजर आती है। भाजपा यमुना की सफाई और केजरीवाल सरकार की नीतियों को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के सामने पेश कर रही है। वहीं, अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने अब तक इस पर कोई प्रत्यक्ष जवाब नहीं दिया है, लेकिन दिल्ली में भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है।
गौरतलब है कि दिल्ली में यमुना नदी की सफाई लंबे समय से बड़ा मुद्दा बनी हुई है। जहां केजरीवाल सरकार ने यमुना की सफाई को लेकर कई योजनाएं शुरू की हैं, वहीं विपक्ष का दावा है कि इन योजनाओं का असर धरातल पर दिखाई नहीं देता। योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच इस मुद्दे पर हुई तीखी बयानबाजी ने न सिर्फ दिल्ली, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल मचा दी है।
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा और आप इस मुद्दे पर अपनी क्या रणनीति अपनाते हैं और जनता का रुझान किस ओर जाता है।
