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अब फैैक्ट्रियों के लिए विद्युत वार्षिक विवरण देना हुआ आसान, अनुपालन भार में आएगी कमी

रायपुर। राज्य सरकार की ओर से व्यापार व नागरिकों के हित में छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क नियम 1949 के नियम के तहत प्रत्येक फैक्ट्री की ओर से प्रारूप ‘एच‘ एवं प्रारूप ‘जे‘ के वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। यह निर्णय शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित केबिनेट की बैठक में लिया गया। उक्त दोनों प्रारूप को समाप्त करने और विद्युत वार्षिक विवरण संबंधी प्रारूप नियमों के सरलीकरण से विद्युत शुल्क की वसूली में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कैबिनेट के इस निर्णय से फैक्ट्रियों के लिए वार्षिक विद्युत विवरण जमा करने की प्रक्रिया सहज हो जाएगी। इसके चलते अनुपालन भार में कमी आएगी और विद्युत संबंधी जानकारी एवं वसूली भी प्रभावित नहीं होगी।
नागरिकों एवं व्यापार में विभिन्न अनुपालन भार को कम करने के लिए प्रपत्र एच को विलोपित करने का निर्णय लिया गया। इसी तरह प्रपत्र ‘जे‘ में विद्युत शक्ति जिस पर विद्युत शुल्क देय नही के संबंध में वार्षिक विवरण संधारित किया जाना है। उक्त प्रपत्र में उपभोक्ता का नाम, पता, छूट का वर्ग, प्रपत्र बी, सी, डी, ई, एफ जिसमें मासिक लेखा रखा गया है, मापन पद्धति का विवरण, भार जिसे छूट वाले संयोजक से संयोजित किया गया है जिस पर शुल्क देय है आदि का विवरण सम्मिलित है। प्रपत्र ‘जे‘ को विलोपित करने पर विद्युत शुल्क संबंधित जानकारी एवं वसूली प्रभावित नहीं होगी। अतः विलोपन करने का निर्णय लिया गया है।

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