“दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर केजरीवाल का भाजपा पर हमला”
नई दिल्ली : दिल्ली की विधानसभा में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई और इसे बदतर स्थिति में बताया। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली अपराधों के साये में जी रही है और अपराधियों का खुला राज है। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली के कई इलाकों में खुलेआम नशा बिक रहा है, सरेआम मर्डर और शूटआउट की घटनाएं हो रही हैं, और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं आम हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि एक आम नागरिक के लिए असुरक्षा की भावना को भी बढ़ा रही है। केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनसे इन मुद्दों पर सवाल किया जाता है, तो वे इसे कोई मुद्दा ही नहीं मानते। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली की कानून व्यवस्था की कोई परवाह नहीं है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गैंगस्टर अब व्यापारियों की दुकानों पर गोलियां बरसाने लगे हैं, लेकिन भाजपा इसे अनदेखा कर रही है। केजरीवाल ने आज सुबह हुई ट्रिपल मर्डर की घटना का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या दिल्ली में आम आदमी की सुरक्षा अब मायने नहीं रखती। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में महिलाएं खास तौर पर असुरक्षित महसूस कर रही हैं और भाजपा सरकार इस गंभीर स्थिति पर चुप्पी साधे हुए है।
केजरीवाल ने अपने भाषण में दिल्ली की कानून व्यवस्था के गिरते स्तर पर भाजपा की निष्क्रियता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस बात का एहसास होना चाहिए कि राजधानी की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार दिल्ली की कानून व्यवस्था पर ध्यान दे और इसे सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए।
इस मुद्दे पर केजरीवाल का भाषण न केवल अपराध की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करता है। उनका यह बयान दर्शाता है कि दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस कितनी गर्म हो चुकी है और इसे सुधारने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
