अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में जन्म मृत्यु से सम्बंधित जानकारी समय पर भेजने के निर्देश

गरियाबंद :- जन्म-मृत्यु पंजीयन की किसी भी स्तर पर उत्पन्न गत्यावरोध को दूर करने के लिए क्रियान्वयन इकाई को मार्गदर्शन उपलब्ध कराने हेतु जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति (जन्म-मृत्यु) का गठन किया गया है।

इस  समिति की (जन्म-मृत्यु) इस वर्ष की बैठक 10 अगस्त को कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ। जिसमें वर्चुवल रूप से भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिकाध्पंचायत, तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जनपद पंचायतों से जुड़े थे।
बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीयन योजना के बारे में विस्तृत जानकारी व दिशा निर्देश के बारे में जानकारी प्रदाय किया तथा पंजीयन संबंधी नये निर्देशो को भी विस्तार से सभी समिति के सदस्यों को अवगत कराया गया। गरियाबंद जिले के समस्त शासकीय अस्पतालों समस्त नगरीय निकायों द्वारा जन्म-मृत्यु कार्य एवं रिपोर्टिंग समय-सीमा में किया जा रहा है।

कलेक्टर क्षीरसागर द्वारा अप्राप्त पंजीयन इकाई (ग्रामीण पंजीयक) की जानकारी समय सीमा में भेजने के निर्देश सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों को दिया गया साथ ही सभी पंजीयन ईकाईयो को प्रत्येक माह के 05 तारीख तक जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय में रिपोर्ट भेजने हेतु निर्देश दिए गये।

शासन के निर्देशानुसार जन्म-मृत्यु पंजीयन शत् प्रतिशत किया जाना है व भारत के महारजिस्ट्रार द्वारा प्रदाय सॉफ्टवेयर में ही ऑनलाईन करने के निर्देश दिये गये है, और सभी इकाइयों का ऑनलाईन पंजीयन प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिये गये।

निष्क्रिय पंजीयन इकाईयों उप स्वास्थ्य केन्द्रों को समीपस्थ पंजीयन इकाइयों से सुविधा लेकर शीघ ऑनलाईन पंजीयन प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिया गया। सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गरियाबंद, राजिम, देवभोग, मैनपुर को अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी तहसीलदारों को जन्म मृत्यु पंजीयन की धारा 13(3) के तहत लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया ।