“IIT धनबाद: यूपी सरकार ने छात्र अतुल की शिक्षा का उठाया जिम्मा, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश”
IIT धनबाद: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर निवासी दलित छात्र अतुल कुमार की शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह सुनिश्चित किया है कि अतुल को आईआईटी धनबाद में प्रवेश दिलाने में सभी संभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतुल की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं।
अतुल कुमार, जो खतौली तहसील के टिटोडा गांव का निवासी है, ने IIT JEE परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग ब्रांच में एक सीट हासिल की। हालांकि, वित्तीय कठिनाइयों के चलते वह समय पर अपनी फीस जमा नहीं कर सका और उसके दाखिले में रुकावट आ गई। अतुल के पिता, राजेंद्र कुमार, एक दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्होंने अपने बेटे की शिक्षा के लिए मेहनत की, लेकिन आर्थिक संकट के कारण फीस जमा करने में असमर्थ रहे।
छात्र और उसके परिवार ने सभी प्रयासों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं खोज पाया, जिसके बाद उन्होंने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद, सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और समाज कल्याण विभाग ने घोषणा की कि अतुल की पूरी फीस छात्रवृत्ति के माध्यम से वहन की जाएगी।
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने छात्र के परिवार से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार अतुल की पूरी शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। राज्य सरकार ने आईआईटी धनबाद से भी संपर्क किया है ताकि प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इस पहल के अंतर्गत न केवल अतुल की शुरुआती फीस का भुगतान किया जाएगा, बल्कि उसके पूरे चार साल की पढ़ाई की फीस भी छात्रवृत्ति के जरिए दी जाएगी।
यह कदम न केवल अतुल के लिए बल्कि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो आर्थिक बाधाओं के बावजूद अपनी शिक्षा को जारी रखना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समानता और अवसरों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनती है।