हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में ऐतिहासिक विलय के उपलक्ष्य में आज हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाया जा रहा है
हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में ऐतिहासिक विलय के उपलक्ष्य में आज हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाया जा रहा है।
‘ऑपरेशन पोलो’ के नाम से प्रसिद्ध यह दिवस पुलिस कार्रवाई का द्योतक है। आज ही के दिन 1948 में निजाम के दमनकारी शासन का अंत हुआ था।
1947 में शेष भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी, हैदराबाद राज्य के लोगों को स्वाधीनता के लिए और 13 महीने की प्रतीक्षा करनी पड़ी थी। इस अवधि में आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और किसानों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सशस्त्र संघर्ष किया। दुनिया में एकमात्र यही ऐसा संघर्ष है जिसमें किसानों को अपनी जमीन पर उचित अधिकार पाने के लिए हथियार उठाने पड़े।
तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने हैदराबाद राज्य के भारतीय संघ में विलय को वास्तविकता बना दिया। यह तभी संभव हुआ जब भारतीय सेना ने निजाम शासन और उनकी निजी सेना के राजाकारों के खिलाफ पांच दिनों तक पुलिस कार्रवाई की। अभियान के अंत में आसफ जाह वंश के अंतिम निज़ाम, मीर उस्मान अली खान ने 1948 में आज ही के दिन विलय समझौते पर हस्ताक्षर किये।
हैदराबाद और तेलंगाना के कई भागों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में केन्द्रीय गृहमंत्री अमितशाह आज निर्मल कस्बे में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
गृहमंत्री अमित शाह ने हैदराबाद मुक्ति दिवस के अवसर पर तेलंगाना और हैदराबाद के मराठवाड़ा क्षेत्र के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। एक ट्वीट में शाह ने कहा कि इस ऐतिहासिक दिवस पर वे उन सभी शूरवीर शहीदों को नमन करते हैं जिन्होंने रजाकारों और निजामों की क्रूरता के खिलाफ संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए सर्वदा अनुगृहीत रहेगा।
